छत्तीसगढ़ के बालोद जिला अंतर्गत ग्राम मेढ़की गांव में आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए ग्रामीणों ने चुगलीबाजी और नशाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। गांव में किसी भी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक या व्यक्तिगत रूप से एक-दूसरे की बातें इधर-उधर कर भड़काने (चुगली) पर अब ₹5001 का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
जिला मुख्यालय बालोद से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित मेढ़की गांव में गुरुवार सुबह 8 बजे समस्त ग्रामीणों की सामूहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव में आपसी वैमनस्य फैलाने वाली चुगलीबाजी पर सख्ती जरूरी है, ताकि छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवाद रोके जा सकें और गांव का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।
इसके साथ ही सामाजिक एवं धार्मिक भोज के दौरान शराब का सेवन कर पहुंचने वाले व्यक्ति पर भी ₹5001 का जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की हालत में कुछ लोग आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं, जिससे आपसी मनमुटाव और झगड़े बढ़ते हैं।
ग्राम पंचायत ओरमा-मेढ़की की सरपंच मंजुलता परस साहू सहित गांव के वरिष्ठ नागरिक धनराज साहू, मनोहर साहू और होरीलाल साहू ने बताया कि आपसी सौहार्द बिगड़ने के पीछे चुगली और नशा प्रमुख कारण रहे हैं। इन्हीं कारणों को खत्म करने के लिए यह कठोर लेकिन आवश्यक निर्णय लिया गया है।
पहले भी लिया गया था नशे के खिलाफ फैसला
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 5 साल पहले भी नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए सामूहिक बैठक कर सख्त निर्णय लिया गया था। उस समय गांव में शराब बेचने वालों पर ₹10,000 का आर्थिक दंड तय किया गया था, वहीं शराब बेचने वालों की सूचना देने पर ₹1000 का पुरस्कार देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया था।
ग्रामीणों का मानना है कि इन फैसलों से गांव में शांति, भाईचारा और अनुशासन बना रहेगा, और विवादों पर प्रभावी नियंत्रण होगा।
