नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। संगठन के महासचिव और पोलित ब्यूरो मेंबर थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी ने अपने साथियों के साथ 22 फरवरी को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
देवजी बस्तर क्षेत्र में हुए कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। वह 131 से अधिक जवानों की हत्या में शामिल रहा है और चर्चित ताड़मेटला–रानीबोदली नक्सली हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है।
🧨 बस्तर हिंसा का बड़ा चेहरा रहा देवजी
नक्सली नेता देवजी (उम्र 65 वर्ष) जगतियाल जिला का रहने वाला है। बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद नक्सल संगठन ने उसे महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। वर्तमान में वह नक्सल संगठन का सबसे बड़ा और प्रभावशाली लीडर माना जा रहा था।
उसके आत्मसमर्पण को नक्सल संगठन के लिए रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक झटका माना जा रहा है।
💰 डेढ़ करोड़ का इनामी नक्सली
देवजी पर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी उस पर कई संगीन मामले दर्ज थे।
👥 कई बड़े नक्सलियों ने भी किया सरेंडर
देवजी के साथ ही माओवादी नेता मल्ला राजी रेड्डी समेत सीपीआई (माओवादी) संगठन के कई नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया है। इसे सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और दबाव का नतीजा माना जा रहा है।
🔍 सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस आत्मसमर्पण से नक्सल संगठन की कमांड स्ट्रक्चर को गहरा नुकसान पहुंचा है और आने वाले समय में नक्सली गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ेगा।
