पूर्व रेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय का सोमवार (23 फरवरी) को निधन हो गया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एक निजी अस्पताल में रविवार देर रात करीब 1:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 71 वर्ष के थे और लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे।
परिजनों के अनुसार, कोलकाता के साल्ट लेक स्थित अपोलो हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हुआ। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और वे बार-बार अस्पताल में भर्ती हो रहे थे।
मुकुल रॉय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कभी बेहद करीबी सहयोगी माने जाते थे। वे तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की ऐतिहासिक जीत के पीछे उनकी रणनीति को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
राजनीतिक करियर की बात करें तो मुकुल रॉय ने केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2009 में वे शिपिंग मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री बने, जबकि 2011 से 2012 के बीच उन्होंने रेलवे और शहरी विकास मंत्रालय में भी राज्य मंत्री के तौर पर कार्य किया।
साल 2017 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा, जिससे बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई थी। 2021 के विधानसभा चुनाव में वे बीजेपी के टिकट पर विधायक चुने गए, लेकिन उसी वर्ष जून में वे दोबारा तृणमूल कांग्रेस में लौट आए। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों के चलते उनकी सक्रियता पहले जैसी नहीं रही।
मुकुल रॉय वर्तमान में कृष्णानगर नॉर्थ से विधायक थे। उनके निधन से पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अनुभवी रणनीतिकार और वरिष्ठ नेता का अध्याय समाप्त हो गया है। सोमवार को उनका पार्थिव शरीर घर लाए जाने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।
