ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध अब और गंभीर होता नजर आ रहा है। गुरुवार को संघर्ष छठे दिन में प्रवेश कर गया और इसका असर पश्चिम एशिया से बाहर भी दिखाई देने लगा है। इस बीच अमेरिका की नौसेना ने हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत को निशाना बनाया, जबकि ईरान के ड्रोन अजरबैजान के क्षेत्र में जा गिरे। इन घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और बढ़ गया है।
हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत पर हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाया। यह युद्धपोत हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में शामिल होने के बाद ईरान लौट रहा था। बताया जा रहा है कि इस जहाज पर करीब 180 नौसैनिक सवार थे, जिनमें से 32 को श्रीलंका की नौसेना ने बचा लिया।
तुर्की में बैलिस्टिक मिसाइल हमला नाकाम
इस बीच नाटो ने दावा किया है कि तुर्की में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के एक हमले को विफल कर दिया गया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि युद्ध का दायरा पश्चिम एशिया से आगे बढ़कर अन्य क्षेत्रों तक फैल सकता है।
ईरान की चेतावनी: दुनिया में कहीं भी निशाना बनाएंगे अमेरिकी जहाज
ईरान ने अपने युद्धपोत पर हमले के बाद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि दुनिया में कहीं भी अमेरिकी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। इससे आने वाले दिनों में समुद्री सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
लेबनान में भी तेज हुआ संघर्ष
उधर लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण हैं। इजरायल ने कई इलाकों में तेज हवाई हमले किए, जिसके जवाब में हिजबुल्ला ने ड्रोन और मिसाइल से इजरायल को निशाना बनाया।
ईरान में नेतृत्व को लेकर भी हलचल
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने को लेकर सहमति बनने की खबर सामने आई है। हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
निष्कर्ष
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी यह युद्ध अब क्षेत्रीय संघर्ष से आगे बढ़कर वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। हिंद महासागर से लेकर पश्चिम एशिया तक बढ़ते हमलों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस संकट पर टिकी हुई है।
