संजू पैकरा बलौदाबाजार-6 मार्च 2026
जिले में आपराधिक प्रकरणों में बढ़ रही दोषमुक्ति के मामलों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को पुलिस कार्यालय सभाकक्ष में पुलिस और अभियोजन अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने की, जिसमें न्यायालयों द्वारा आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के कारणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान बताया गया कि विवेचना के समय तथ्यों की त्रुटियां, साक्ष्य संकलन में लापरवाही और गवाहों के पक्षद्रोही (होस्टाइल) हो जाने जैसी स्थितियां दोषमुक्ति के प्रमुख कारण बन रही हैं। इस पर पुलिस अधीक्षक ने विवेचकों को निर्देश दिया कि प्रकरणों के प्रार्थियों और गवाहों से लगातार संवाद बनाए रखें, ताकि वे न्यायालय में अपने पूर्व बयानों पर दृढ़ रह सकें और निर्भीक होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकें।
एसपी भावना गुप्ता ने यह भी कहा कि आरोपी द्वारा बार-बार स्थगन (Adjournment) लेने की स्थिति में अभियोजन पक्ष को न्यायालय में आपत्ति दर्ज करानी चाहिए, ताकि मामलों में अनावश्यक देरी न हो और प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में विवेचना और जांच के दौरान आने वाली कमियों को दूर करने तथा अभियोजन को मजबूत बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में डीडीपीओ गजेंद्र साहू, डीपीओ सरिता शर्मा, शासकीय अभिभाषक तामेश्वर वर्मा, अभियोजन अधिकारी राजेश कौशिक, एडीपीओ तेज कुमार एकता, संतोष कुमार ध्रुव, अमित कुमार वाजपेयी, गीता सोनवानी, संजु गुरूपंच, उज्जवल सिन्हा सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भाटापारा हेमसागर सिदार, एसडीओपी भाटापारा तारेश साहू, एसडीओपी बलौदाबाजार अपूर्वा क्षत्रिय, डीएसपी कैम्प कसडोल कौशल किशोर वासनिक, डीएसपी मुख्यालय राजेश श्रीवास्तव तथा जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

