मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: IndiGo ने बढ़ाया हवाई किराया, 14 मार्च से टिकट पर ₹425 से ₹2300 तक अतिरिक्त फ्यूल चार्ज

IndiGo ने बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच हवाई किराए में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण विमान ईंधन महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर अब एयरलाइन टिकट की कीमतों पर पड़ रहा है।

एयरलाइन ने घोषणा की है कि 14 मार्च 2026 को रात 12:01 बजे से की जाने वाली सभी नई टिकट बुकिंग पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लागू किया जाएगा। कंपनी के अनुसार टिकट की कीमतों में ₹425 से ₹2300 तक की बढ़ोतरी की जाएगी, जिसे यात्रियों से फ्यूल चार्ज के रूप में वसूला जाएगा।

कंपनी ने बताया कारण

एयरलाइन के मुताबिक मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव की वजह से विमान ईंधन की कीमतों में अचानक तेज उछाल आया है। इसी कारण कंपनी को टिकट पर अतिरिक्त शुल्क लगाना पड़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार International Air Transport Association (IATA) के जेट फ्यूल मॉनिटर के आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में विमान ईंधन की कीमतें 85 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी हैं

एयरलाइंस के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) संचालन लागत का सबसे बड़ा हिस्सा होता है। जब ईंधन महंगा होता है तो इसका सीधा असर यात्रियों के किराए पर पड़ता है।

रूट के हिसाब से तय किया गया फ्यूल चार्ज

IndiGo के अनुसार अलग-अलग रूट पर अलग फ्यूल चार्ज लगाया जाएगा:

  • भारत के भीतर (डोमेस्टिक उड़ानें) – ₹425

  • इंडियन सबकॉन्टिनेंट – ₹425

  • मिडिल ईस्ट – ₹900

  • साउथ ईस्ट एशिया और चीन – ₹1800

  • अफ्रीका और वेस्ट एशिया – ₹1800

  • यूरोप – ₹2300

आगे भी बदल सकता है किराया

IndiGo ने अपने बयान में कहा है कि यह फैसला ऑपरेटिंग लागत में अचानक आई बढ़ोतरी के कारण लिया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखेगी। अगर भविष्य में ईंधन की कीमतों में कमी आती है तो फ्यूल चार्ज में भी बदलाव किया जा सकता है।

इस फैसले के बाद आने वाले दिनों में हवाई यात्रा थोड़ी महंगी हो सकती है, खासकर अंतरराष्ट्रीय रूट पर यात्रियों को ज्यादा अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।