18 साल की आरुषि श्रीवास्तव ने 243 चावल के दानों पर लिखी पूरी हनुमान चालीसा, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

रायपुर। राजधानी की 18 वर्षीय आरुषि श्रीवास्तव ने अपनी अनोखी कला से नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने 243 चावल के दानों पर पूरी हनुमान चालीसा लिखकर India Book of Records में अपना नाम दर्ज करा लिया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह अद्भुत काम सिर्फ दो दिनों में सामान्य पेन और पेंट ब्रश की मदद से पूरा किया।

विशालनगर निवासी पराग और रीता श्रीवास्तव की बेटी आरुषि को माइक्रो आर्ट में विशेष रुचि है। इंटरनेट पर सर्च करते समय उन्हें इस तरह के रिकॉर्ड के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने देखा कि गुजरात और झांसी में भी इस तरह के रिकॉर्ड बनाए जा चुके हैं। इससे प्रेरित होकर उन्होंने खुद यह चुनौती स्वीकार की और चावल के छोटे-छोटे दानों पर बेहद महीन अक्षरों में Hanuman Chalisa लिखने का फैसला किया।

आरुषि ने हर चावल के दाने को सावधानी से पकड़कर उस पर लाल ऐक्रेलिक पेंट ब्रश से अक्षर लिखे। इस दौरान हाथ को स्थिर रखना और लगातार फोकस बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती थी। बिना किसी हाई-टेक उपकरण के इतनी बारीकी से लिखना उनकी कला और नियंत्रण क्षमता को दर्शाता है।

प्रेरणा से बनी उपलब्धि

आरुषि को यह अनोखा आइडिया ऑनलाइन सर्च के दौरान मिला। उन्होंने पहले बने रिकॉर्ड्स को देखा और उसी से प्रेरणा लेकर खुद भी कुछ अलग करने की ठानी। लगातार मेहनत और एकाग्रता के साथ उन्होंने कम समय में यह रिकॉर्ड बना लिया।

बताया जा रहा है कि उन्होंने चावल के दानों पर लिखी हनुमान चालीसा के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले किसी अन्य कलाकार ने 425 चावल के दानों पर हनुमान चालीसा लिखने का रिकॉर्ड बनाया था।