96% मुस्लिम आबादी वाला अजरबैजान, फिर भी स्कूलों में हिजाब पर पाबंदी!

13 अक्टूबर 2026 : अजरबैजान में 96 प्रतिशत मुस्लिम आबादी होने के बाद भी स्कूलों के अंदर छात्राओं और शिक्षकों के हिजाब पहनने पर पाबंदी लगा दी गई है। इससे विवाद खड़ा हो गया है।

सरकार ने नए नियमों के तहत धर्मनिरपेक्षता के विपरीत माने जाने वाले वस्त्रों पर प्रतिबंध लगा दिया है और नया ड्रेस कोड भी लागू किया है।

नए नियमों के चलते कई स्कूलों में छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है। आगे भी विरोध बढ़ता जा रहा है।

बता दें कि 21 सितंबर 2026 से, हिजाब पहनकर आए कुछ छात्रों और शिक्षकों को स्कूलों में घुसने नहीं दिया जा रहा है। इस फैसले से मुस्लिम बहुल अजरबैजान में काफी नाराजगी फैल गई है।

धर्मनिरपेक्षता का तर्क दे रहे अधिकारी

सरकार ने नए नियमों का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह की पाबंदी से स्कूल धर्मनिरपेक्ष बने रहते हैं। साथ ही, यह संविधान के उस सिद्धांत के भी मुताबिक है, जो धर्म को राज्य से अलग रखने की बात करता है।

अधिकारी यह भी कहते हैं कि यह कदम ड्रेस कोड में एकरूपता लाने और पेशेवर माहौल बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

हालांकि, अजरबैजान में लोगों को लगता है कि यह उनके शिक्षा के अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा मामला है। इस वजह से वहां लगातार बहस छिड़ी हुई है और लोग इसमें बदलाव की मांग कर रहे हैं।

बता दें कि अजरबैजान का संविधान देश को धर्मनिरपेक्ष बताता है। अजरबैजान पहला मुस्लिम बहुल आबादी देश नहीं है, जिसने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया हो, इससे पहले कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान भी धार्मिक वस्त्रों पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।