कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के बयान को वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाने की कीमत एक 62 वर्षीय बुजुर्ग कांग्रेस कार्यकर्ता ख्वाजा हुसैन को जेल जाकर चुकानी पड़ी। ख्वाजा हुसैन, जो पेशे से एक पंक्चर की दुकान चलाते हैं, को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
यह मामला उस वक्त सामने आया जब स्थानीय कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने एक सोशल मीडिया ग्रुप में पवन खेड़ा का बयान साझा किया था। ख्वाजा हुसैन ने इस बयान को अपने वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाया, जिसे उन्होंने बताया कि केवल 9 लोगों ने देखा था। बावजूद इसके, कुछ ही देर में पुलिस उनकी दुकान पर पहुंच गई और उन्हें थाने ले जाकर हिरासत में ले लिया गया।
मामला तूल तब पकड़ा जब इसकी जानकारी दिल्ली तक पहुंची। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने खुद स्थानीय नेताओं के जरिए ख्वाजा हुसैन के परिवार से संपर्क किया और उनकी जमानत की व्यवस्था करवाई।
इस घटना पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
> “नीमच जिले के सिंगोली में कांग्रेस कार्यकर्ता ख्वाजा हुसैन (62 वर्ष) को पुलिस ने दो दिन पूर्व पार्टी का एक बयान वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाने के कारण एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। जब आज यह मामला संज्ञान में आया, तब उनकी मदद की गई और देर शाम वे जेल से रिहा हो गए।”
सिंघार ने भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा:
> “भाजपा और आरएसएस कितना भी सत्ता का दुरुपयोग कर ले, लेकिन जननायक राहुल गांधी के सच्चे सिपाही विचारधारा की लड़ाई लड़ते रहेंगे और जीतेंगे। जैसा कि राहुल गांधी कहते हैं, सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के इशारे पर असंवैधानिक कार्रवाई करने वाले अधिकारियों का भी हिसाब किया जाएगा।”
