नई दिल्ली/फरीदाबाद, 11 नवम्बर। लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर को हुए भीषण ब्लास्ट में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 लोग घायल हैं। धमाके की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों को शुरुआती जांच में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके तार हरियाणा के फरीदाबाद से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 9 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद के धौज गांव में पुलवामा निवासी डॉ. मुज्जमिल शकील के घर छापा मारा था। वहां से 360 किलो विस्फोटक और एक असॉल्ट राइफल बरामद की गई। इसके अलावा धौज से महज 4 किलोमीटर दूर फतेहपुर तगा गांव में एक मौलाना के घर से 2,563 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट भी मिला।
जांच एजेंसियां अब दिल्ली ब्लास्ट और इन छापों के बीच कड़ी जोड़ने में जुटी हैं। सूत्रों के अनुसार, चार बड़े कनेक्शन सामने आए हैं—
IED नहीं, अमोनियम नाइट्रेट से हुआ धमाका होने की आशंका।
ब्लास्ट में इस्तेमाल कार का चालान फरीदाबाद में कटा था।
छापेमारी से घबराकर विस्फोटक को कार से दूसरी जगह छिपाने की संभावना।
गुरुग्राम निवासी सलमान ने कार पुलवामा के तारिक को बेची थी।
लाल किला के पास विस्फोट में इस्तेमाल हरियाणा नंबर की i20 कार को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है। यह कार गुरुग्राम के सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी। दिल्ली पुलिस ने सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
फोरेंसिक टीम और एनआईए के अधिकारी घटनास्थल से मिले नमूनों की जांच कर रहे हैं ताकि विस्फोटक की सटीक प्रकृति का पता लगाया जा सके। वहीं, दिल्ली और एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
सरकार ने इस पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंपने के संकेत दिए हैं।
