छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में अमेरा ओपनकास्ट कोल माइंस के विस्तार को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच बुधवार को बड़ा विवाद हो गया। लखनपुर थाना क्षेत्र में स्थिति तब बिगड़ी जब जमीन अधिग्रहण के लिए पहुंचे प्रशासन व पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक पथराव और गुलेल से हमला कर दिया।
इस हिंसक झड़प में ASP, एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं 12 से अधिक ग्रामीणों को भी चोटें आई हैं।
🔹 कैसे शुरू हुआ विवाद?
जानकारी के अनुसार:
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SECL के अमेरा खदान विस्तार के लिए परसोढ़ी गांव की जमीनें 2001 में अधिग्रहित की गई थीं।
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ग्रामीण अब भी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं और पुनः अधिग्रहण प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।
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बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी और लगभग 500 पुलिसकर्मी अधिग्रहण प्रक्रिया के लिए मौके पर पहुंचे थे।
इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और गुलेल से हमला कर दिया।
🔹 पुलिस की जवाबी कार्रवाई
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पत्थरबाजी के जवाब में पुलिस ने भी पत्थर चलाए, हालांकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पहले हमला शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं।
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स्थिति अनियंत्रित होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
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अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर तैनात कर दिया गया है।
🔹 घायल अधिकारी और ग्रामीण
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पत्थरबाजी में ASP अमोलक सिंह,
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SDOP ग्रामीण,
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धौरपुर थाना प्रभारी अश्वनी सिंह,
सहित कुल 25 पुलिसकर्मी घायल हुए।
थाना प्रभारी अश्वनी सिंह की हालत गंभीर होने पर उन्हें अंबिकापुर रेफर किया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस की ओर से किए गए पथराव में 12 से ज्यादा ग्रामीण घायल हो गए हैं।
🔹 इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। प्रशासन स्थिति काबू में रखने की कोशिश में लगा है और स्थानीय अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया है।
