देश की सबसे भरोसेमंद एयरलाइन मानी जाने वाली इंडिगो इन दिनों अपने अब तक के सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। पिछले 5 दिनों में 2000 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने से देश के ज्यादातर एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन जैसे नजर आ रहे हैं। हजारों यात्री फंसे हुए हैं और सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि इंडिया की सबसे मजबूत एयरलाइन अचानक इस कदर लड़खड़ा गई?
इंडिगो क्यों खास है?
भारत में जहां कई एयरलाइंस शुरू होती हैं और कुछ ही सालों में बंद हो जाती हैं—जैसे जेट एयरवेज, किंगफिशर, एयर सहारा, गोफर्स्ट—वहीं इंडिगो ने लगातार ग्रोथ दिखाकर अपना दबदबा बनाए रखा।
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FY 2024 में कंपनी ने 8170 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया।
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इंडिगो के पास 400+ विमान हैं—जो विस्तारा और एयर इंडिया दोनों की संयुक्त संख्या से भी अधिक है।
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इंडिगो की शुरुआत और सफलता का मॉडल
साल 2006 में राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने एक प्लेन से इंडिगो की शुरुआत की थी।
इंडिगो की सफलता के पीछे यह प्रमुख रणनीतियां रहीं:
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एयरबस से 100 विमानों का ऐतिहासिक bulk ऑर्डर, भारी डिस्काउंट के साथ
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सेल एंड लीज बैक मॉडल—हर नए विमान पर सीधा प्रॉफिट
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एक ही मॉडल के विमान (A320) से मेंटेनेंस और ट्रेनिंग में भारी बचत
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हब एंड स्पोक मॉडल—कम रूट्स में अधिक यात्रियों तक पहुंच
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अन्य एयरलाइंस क्यों फेल हुईं?
भारत का उड्डयन सेक्टर आकर्षक लगता है, लेकिन अंदर से अत्यधिक महंगा और रिस्की है।
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किंगफिशर आलीशान सेवाओं के खर्च में डूब गई
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जेट एयरवेज कर्ज में फंस गई
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एयर इंडिया लंबे समय तक घाटे में रही
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गोफर्स्ट इंजन क्राइसिस से उबर नहीं सका
इन सबके बीच इंडिगो ही अकेली कंपनी रही जिसने लगातार मुनाफा कमाया।
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इंडिगो के लिए चुनौती भरा दौर
2006–2020 तक इंडिगो की ग्रोथ लगभग बिना रुकावट रही, पर दो बड़े झटके आए:
1. संस्थापकों के बीच विवाद
2019 में सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर गंभीर आरोप लगाए और बाद में बोर्ड छोड़ दिया।
2. कोविड-19 संकट
कोविड के दौरान भारत में पहली बार इंडिगो को भारी घाटा झेलना पड़ा।
इसके बावजूद इंडिगो ने कारगो सेवाओं और कॉस्ट-कटिंग के जरिए रिकवरी की।
अब क्या हुआ कि इंडिगो लड़खड़ा गई?
मौजूदा संकट को लेकर इंडिगो ने तकनीकी–ऑपरेशनल कारणों की बात कही है, लेकिन रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि—
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ग्राउंड स्टाफ की कमी
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क्रू की शॉर्टेज
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मेंटेनेंस शेड्यूल बिगड़ना
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कुछ रूट्स पर अचानक ओवरलोड
जैसे कारणों ने हालात बिगाड़े।
5 दिनों में 2000 से ज्यादा फ्लाइट रद्द होने के चलते हजारों यात्री देशभर के एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं।
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आगे क्या?
एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि:
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इंडिगो के पास मजबूत कैश रिजर्व है
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बेड़ा सबसे बड़ा है
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मार्केट शेयर 60% के करीब है
इसलिए कंपनी इस संकट से निकल सकती है। लेकिन फिलहाल यात्रियों की परेशानी, भरोसे में कमी और उड़ानों की लगातार कैंसिलेशन इंडिगो के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।
