पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 91 वर्ष की उम्र में निधन, लातूर में ली अंतिम सांस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का आज सुबह निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे। पाटिल ने सुबह करीब 6:30 बजे लातूर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह पिछले लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज लातूर में ही किया जा रहा था।


लंबा राजनीतिक सफर, कई अहम पद संभाले

शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति का एक प्रमुख नाम रहे। अपने विस्तृत राजनीतिक करियर में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में कई महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व निभाए।

  • वे सात बार लातूर से लोकसभा सांसद चुने गए।

  • लोकसभा अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने कार्य किया।

  • यूपीए सरकार में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया था।

  • इसके अलावा वे देश के रक्षा मंत्री भी रहे।

  • शिवराज पाटिल पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर भी रहे।

उनकी पहचान एक शांत, सौम्य और सैद्धांतिक नेता के रूप में की जाती थी।


महाराष्ट्र और दिल्ली में शोक की लहर

पाटिल के निधन की खबर सामने आते ही महाराष्ट्र तथा राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
कांग्रेस नेताओं और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक सेवाओं को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है।


देश ने खोया अनुभव से भरपूर नेता

शिवराज पाटिल का कार्यकाल कई बड़े राष्ट्रीय घटनाक्रमों से जुड़ा रहा। गृह मंत्री रहते उन्होंने आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधारों में अहम योगदान दिया। रक्षा मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण माना जाता है।


अंतिम संस्कार की तैयारी

परिवार के अनुसार अंतिम संस्कार लातूर में ही किया जाएगा। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।