रायगढ़ तमनार हिंसा: महिला आरक्षक से दरिंदगी मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, महिला पुलिसकर्मियों का आक्रोश

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में हुई हिंसक झड़प के दौरान महिला आरक्षक के साथ दरिंदगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस घटना से नाराज महिला पुलिसकर्मियों ने जिला जेल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस वाहन को रोक दिया।

महिला आरक्षकों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जुलूस निकालने की मांग की। हालांकि, मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और आरोपियों को जेल दाखिल किया गया।

🔴 कोल ब्लॉक विरोध से भड़की हिंसा

गौरतलब है कि तमनार क्षेत्र में जेपीएल (JPL) को मिले कोल ब्लॉक के विरोध में 14 गांवों के ग्रामीण आंदोलनरत हैं।
8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया था।

इसी कड़ी में 27 दिसंबर को हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने चक्काजाम किया, जो बाद में हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस दौरान पुलिस पर हमला किया गया।

👮‍♀️ महिला पुलिसकर्मियों पर हमला

इस हिंसक झड़प में:

  • एक महिला टीआई के साथ जमकर मारपीट की गई

  • वहीं, एक महिला आरक्षक को दौड़ाकर पीटा गया

  • महिला आरक्षक को खेत में घसीटकर उसके साथ दरिंदगी की गई,

  • उसकी वर्दी फाड़कर अर्धनग्न कर दिया गया

घटना के दौरान कुछ लोग महिला आरक्षक को बचाने के बजाय वीडियो बनाते रहे, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

📹 वीडियो वायरल होते ही पुलिस का एक्शन

घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

  • मंगल राठिया उर्फ करम राठिया

  • चीनेश खम्हारी

दोनों आरोपी आमगांव के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया

⚖️ महिला आरक्षकों का विरोध

जब आरोपियों को जेल दाखिल किया जा रहा था, तब इस जघन्य घटना से आक्रोशित महिला आरक्षकों ने पुलिस वाहन रोककर विरोध किया। वे आरोपियों को सख्त सजा और सार्वजनिक जुलूस निकालने की मांग पर अड़ी रहीं। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

🔍 जांच जारी

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।