जशपुर में धान खरीदी घोटाला: 6.55 करोड़ की गड़बड़ी, 20,586 क्विंटल धान गायब, 6 अधिकारी-कर्मचारियों पर केस

जशपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आया है। जांच में करीब 6 करोड़ 55 लाख रुपए की अनियमितता उजागर हुई है। यह मामला आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कोनपारा (पंजीयन क्रमांक 128) के अंतर्गत संचालित धान खरीदी उपकेंद्र से जुड़ा है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी ने केंद्र का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामला तुमला थाना क्षेत्र का है।

20,586 क्विंटल धान निकला कम

शुरुआती जांच और संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में सामने आया कि केंद्र में 20,586.88 क्विंटल धान की भारी कमी है। कंप्यूटर रिकॉर्ड के अनुसार खरीफ वर्ष 2024-25 में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस तरह रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर पाया गया।

6.55 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान

गायब धान की कीमत 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा धान की पैकिंग में उपयोग किए गए 4,898 नग बारदाने (नए और पुराने) की कीमत 17 लाख 7 हजार 651 रुपए बताई गई है। इस तरह शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ केस

इस मामले में अपेक्स बैंक जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव (61) ने 2 जनवरी को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि समिति स्तर पर पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत कर धान खरीदी के रिकॉर्ड में हेराफेरी की है।

इन 6 अधिकारियों-कर्मचारियों पर मामला दर्ज

पुलिस ने नोडल अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4), 320, 336, 338 और 61 के तहत छह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिन पर मामला दर्ज किया गया है, वे हैं—

  • भुनेश्वर यादव – प्राधिकृत अधिकारी (खरीदी केंद्र)

  • जयप्रकाश साहू – समिति प्रबंधक

  • शिशुपाल यादव – फड़ प्रभारी

  • जितेंद्र साय – कंप्यूटर ऑपरेटर

  • अविनाश अवस्थी – सहायक फड़ प्रभारी

  • चंद्र कुमार यादव – उप सहायक फड़ प्रभारी

जांच जारी, और कार्रवाई संभव

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान और भी जिम्मेदारों की भूमिका सामने आ सकती है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।