महासमुंद। छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले की कोमाखान पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एम्बुलेंस के जरिए गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपए आंकी गई है।
यह कार्रवाई ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित टेमरीनाका चेकिंग प्वाइंट पर की गई। गांजा तस्कर इसे ओडिशा के भवानीपटना जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे।
एम्बुलेंस को बनाया नशे की तस्करी का जरिया
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने एम्बुलेंस के अंदर सीटों के नीचे खास चैंबर बनाकर गांजा छिपाया था। इसके अलावा दवाइयों के कार्टून में भी गांजा भरा गया था, ताकि किसी को शक न हो।
तस्करों ने महाराष्ट्र पासिंग एम्बुलेंस पर ओडिशा की फर्जी नंबर प्लेट (OD 02 AX 5501) लगाई थी। पकड़े गए तीनों आरोपी महाराष्ट्र के निवासी बताए जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही अलर्ट हुई पुलिस
दरअसल, मंगलवार को कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक एम्बुलेंस में बड़ी मात्रा में गांजा लोड कर ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और टेमरीनाका में चेकिंग प्वाइंट लगाकर वाहनों की जांच शुरू कर दी गई।
इसी दौरान एक पुरानी और जर्जर हालत में एम्बुलेंस चेकिंग प्वाइंट की ओर आती दिखी। एम्बुलेंस की स्थिति और नंबर प्लेट को देखकर पुलिस को शक हुआ। रोककर जब तलाशी ली गई तो अंदर से गांजे का जखीरा बरामद हुआ।
9 दिन पहले भी पकड़ा गया था 6 करोड़ का गांजा
गौरतलब है कि इससे पहले बलरामपुर जिले में भी पुलिस ने एक ट्रक से 6 करोड़ रुपए का गांजा जब्त किया था। उस मामले में तस्कर ओडिशा के बलांगीर जिले से गांजा लोड कर छत्तीसगढ़ और यूपी के रास्ते राजस्थान ले जा रहे थे, लेकिन CG-UP बॉर्डर पर पकड़े गए थे।
लगातार बढ़ रही कार्रवाई
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि छत्तीसगढ़ पुलिस नशे के नेटवर्क पर सख्त प्रहार कर रही है। फिलहाल कोमाखान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
