भारत माला मुआवजा घोटाला: EOW ने 3 पटवारियों के खिलाफ पहला पूरक चालान किया पेश, 40 करोड़ के नुकसान का आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। EOW ने तीन पटवारियों के खिलाफ पहला पूरक चालान कोर्ट में पेश किया है। जांच में सामने आया है कि मूल खसरों के दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकार को करीब 40 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

यह मामला भारत माला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर के भू-अर्जन से जुड़ा हुआ है। EOW के अनुसार, इन पटवारियों ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये का मुआवजा हड़प लिया।

कैसे किया गया घोटाला

जांच में सामने आया है कि

  • पहले से अधिग्रहित सरकारी जमीन को दोबारा निजी भूमि बताकर मुआवजा दिलाया गया,

  • निजी जमीन के गलत और बढ़े हुए मुआवजे तैयार किए गए,

  • बैकडेट में खाता बंटवारा, नामांतरण और अन्य जाली दस्तावेज बनाए गए।

इन सभी फर्जीवाड़ों में पटवारियों की अहम भूमिका सामने आई है।

इन धाराओं में दर्ज है मामला

EOW के अनुसार इस मामले में

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) और 12,

  • तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 467, 471, 420 और 120-बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

इस केस में आरोपी बनाए गए दिनेश पटेल, लेखराम देवांगन और बसंती घृतलहरे को 29 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। अब 24 जनवरी 2026 को इनके खिलाफ पहला पूरक चालान कोर्ट में पेश किया गया है।

SDM–पटवारी–भू-माफिया सिंडिकेट का खुलासा

EOW की जांच में यह भी सामने आया है कि भारत माला परियोजना के जमीन अधिग्रहण में SDM, पटवारी और भू-माफिया का पूरा सिंडिकेट सक्रिय था। सभी ने मिलकर बैकडेट में दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया। पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।

पहले भी हो चुकी है बड़ी छापेमारी

गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2025 को EOW ने छत्तीसगढ़ में 17 से 20 अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें

  • SDM,

  • तहसीलदार,

  • पटवारी,

  • राजस्व निरीक्षक सहित राजस्व विभाग के कई अधिकारी शामिल थे।

छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए गए थे।

इन जिलों में हुई थी रेड

EOW ने रायपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर में दबिश दी थी। जिनके ठिकानों पर कार्रवाई हुई, उनमें
निर्भय कुमार साहू, जितेंद्र कुमार साहू, दिनेश पटेल, योगेश कुमार देवांगन, शशिकांत कुर्रे, लेखराम देवांगन, लखेश्वर प्रसाद किरण, बसंती धृतलहरे, रोशन लाल वर्मा, हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी, विजय जैन, दशमेश इन्ट्रावेंचर प्रा. लि., हृदय लाल गिलहरे और विनय कुमार गांधी शामिल हैं।

जांच जारी, और खुलासों के संकेत

EOW का कहना है कि भारत माला परियोजना मुआवजा घोटाले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।