भारत में निपाह वायरस के दो मामले, WHO ने कहा– घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। भारत में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति को लेकर राहत भरी जानकारी दी है। WHO ने शुक्रवार, 30 जनवरी को जारी बयान में कहा कि भारत में निपाह वायरस के फैलने का खतरा फिलहाल कम है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
WHO ने साफ किया है कि इन मामलों के सामने आने के बावजूद ट्रैवल या ट्रेड पर किसी तरह की पाबंदी लगाने की आवश्यकता नहीं है। वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, मौजूदा स्थिति में राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर जोखिम कम बना हुआ है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में मिले दोनों मामले
WHO की ओर से वेबसाइट पर साझा किए गए अपडेट में बताया गया कि निपाह वायरस के दोनों मामले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले से सामने आए हैं। एजेंसी ने कहा कि ये मामले इसी जिले तक सीमित हैं और मरीजों में लक्षण दिखने के दौरान उनके यात्रा करने की कोई रिपोर्ट नहीं है। इससे संक्रमण के अन्य क्षेत्रों में फैलने की आशंका कम हो जाती है।
इंसानों के बीच संक्रमण बढ़ने का खतरा नहीं
WHO के अनुसार, भारत में इंसानों के बीच निपाह वायरस के संक्रमण में तेजी से बढ़ोतरी का कोई संकेत नहीं मिला है। यही वजह है कि वर्तमान स्थिति को कम जोखिम वाला माना जा रहा है।
कैसे फैलता है निपाह वायरस
निपाह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है। WHO का कहना है कि यह वायरस दूषित भोजन के सेवन या संक्रमित व्यक्ति के करीबी संपर्क में आने से फैल सकता है। हालांकि, यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता। आमतौर पर लंबे समय तक और नजदीकी संपर्क में रहने पर ही इसके फैलने की संभावना होती है।
सतर्कता जरूरी, लेकिन डरने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। फिलहाल WHO ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।