सुपरस्टार रजनीकांत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ परदे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं। चेन्नई की सफाई कर्मचारी पद्मा को उनके नेक और ईमानदार काम के लिए रजनीकांत ने अपने पोएस गार्डन स्थित आवास पर आमंत्रित किया और उन्हें सम्मानस्वरूप सोने की चेन भेंट की। खास बात यह रही कि थलाइवा ने खुद पद्मा के गले में ‘ॐ’ अंकित चेन पहनाई। यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पद्मा की ईमानदारी ने सबको किया प्रभावित
यह पूरा मामला चेन्नई के टी नगर इलाके का है। ड्यूटी के दौरान पद्मा को सड़क पर एक पाउच मिला, जिसमें 45 सावरन (करीब 360 ग्राम) सोने के गहने थे, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है।
इतनी बड़ी रकम देखकर भी पद्मा का ईमान नहीं डगमगाया। उन्होंने तुरंत अपने सीनियर्स को सूचना दी और गहनों को पोंडी बाजार पुलिस स्टेशन में जमा करा दिया। जांच के बाद पुलिस ने गहने उनके असली मालिक को सौंप दिए।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी किया सम्मान
पद्मा की इस ईमानदारी की चर्चा पूरे तमिलनाडु में होने लगी। खुद मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उन्हें बुलाकर सम्मानित किया और एक लाख रुपये का चेक इनाम के तौर पर सौंपा।
रजनीकांत ने परिवार समेत बुलाया घर
जब यह खबर रजनीकांत तक पहुंची, तो उन्होंने पद्मा को उनके परिवार के साथ अपने घर बुलाया। सामने आई तस्वीरों में थलाइवा पद्मा के साथ मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। उन्होंने पद्मा को शॉल ओढ़ाई और दो सावरन की सोने की चेन गिफ्ट की।
रजनीकांत की टीम ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा —
“सुपरस्टार ने फ्रंटलाइन वर्कर पद्मा को उनकी सच्चाई और ईमानदारी के लिए सम्मानित किया।”
“कभी सपने में भी नहीं सोचा था” – पद्मा
इस मुलाकात के बाद पद्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा —
“मैं बहुत रोमांचित हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं रजनीकांत सर से मिल पाऊंगी।”
इस दौरान उनके पति और बेटियां भी मौजूद रहीं।
सुपरस्टार से भी ऊपर इंसानियत
75 साल की उम्र में भी फिल्मों में सक्रिय रजनीकांत अपने फैंस के लिए भगवान समान हैं। लेकिन ऐसे नेक और मानवीय काम उन्हें एक सुपरस्टार से कहीं ऊपर खड़ा कर देते हैं।
एक आम सफाई कर्मचारी को इस तरह सम्मान देकर रजनीकांत ने समाज को साफ संदेश दिया है कि ईमानदारी का फल जरूर मिलता है।
मुख्यमंत्री से लेकर सुपरस्टार तक सम्मान पा चुकी पद्मा की यह कहानी अब लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है।
