दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार Elon Musk ने अपनी संपत्ति को लेकर चल रही चर्चाओं पर खुलकर जवाब दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए मस्क ने बताया कि उनकी अरबों डॉलर की नेटवर्थ का मतलब यह नहीं है कि उनके पास नकद पैसों की भरमार है।
मस्क ने लिखा कि उनकी कुल संपत्ति का 0.1 फीसदी से भी कम हिस्सा कैश के रूप में है। उन्होंने साफ किया कि उनकी लगभग पूरी नेटवर्थ Tesla और SpaceX में उनकी हिस्सेदारी से जुड़ी हुई है। यानी उनकी दौलत तिजोरी में रखे पैसों की बजाय कंपनियों के शेयर और इक्विटी वैल्यू के रूप में है।
संपत्ति बढ़ने का फायदा सिर्फ मस्क को नहीं
एलॉन मस्क ने उन आरोपों का भी खंडन किया, जिनमें कहा जाता है कि कंपनियों की ग्रोथ का फायदा केवल मालिकों को मिलता है। उन्होंने बताया कि टेस्ला और स्पेसएक्स के कर्मचारियों को स्टॉक और स्टॉक ऑप्शन दिए जाते हैं, जिससे कंपनी की वैल्यू बढ़ने पर कर्मचारियों की संपत्ति भी बढ़ती है।
मस्क के अनुसार, टेस्ला में बड़ी हिस्सेदारी आम निवेशकों, पेंशन फंड और इंडेक्स फंड्स की भी है। ऐसे में कंपनी के शेयर बढ़ने का सबसे ज्यादा फायदा कर्मचारियों और निवेशकों को मिलता है, न कि सिर्फ उन्हें व्यक्तिगत रूप से।
ट्रिलियनेयर बनने की ओर मस्क?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मस्क की कंपनियां—टेस्ला, स्पेसएक्स और उनकी एआई कंपनी xAI—इसी रफ्तार से आगे बढ़ती रहीं, तो आने वाले वर्षों में एलॉन मस्क 1 ट्रिलियन डॉलर (1000 बिलियन डॉलर) की नेटवर्थ का आंकड़ा पार कर सकते हैं।
हालांकि, इतनी विशाल संपत्ति के बावजूद मस्क अपनी लिक्विडिटी बेहद कम रखते हैं। वे अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा दोबारा अपनी ही कंपनियों और नई तकनीकों के विकास में निवेश कर देते हैं। यही वजह है कि उनकी दौलत कागजों में बढ़ती दिखती है, न कि बैंक बैलेंस में।
कुल मिलाकर, एलॉन मस्क का यह बयान एक बार फिर यह स्पष्ट करता है कि अरबपतियों की संपत्ति अक्सर नकद नहीं, बल्कि कंपनियों की वैल्यू और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ी होती है।
