मिडिल ईस्ट तनाव का असर शेयर बाजार पर संभव, इन भारतीय कंपनियों के शेयरों पर रहेगी खास नजर

वीकेंड में हुए घटनाक्रम का असर सोमवार सुबह वैश्विक शेयर बाजारों में देखने को मिल सकता है। अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले, ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबर और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से पूरे मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की खबरों ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी है।

इन घटनाओं के चलते निवेशकों की नजर उन भारतीय कंपनियों पर रहेगी, जिनका कारोबार और प्रोजेक्ट मिडिल ईस्ट से जुड़े हैं।

इन कंपनियों पर रहेगी खास नजर

Larsen & Toubro (L&T)
देश की बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मिडिल ईस्ट में बड़ा कारोबार है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक का करीब 49 प्रतिशत हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार से आता है, जिसमें से 80 प्रतिशत से ज्यादा सऊदी अरब, यूएई और मिडिल ईस्ट क्षेत्र से जुड़ा है।

Kalyan Jewellers
ज्वैलरी रिटेलर की कुल आय का करीब 12 प्रतिशत हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। कंपनी के इस क्षेत्र में 36 से ज्यादा स्टोर हैं और आगे विस्तार की योजना भी बना रही है।

KEC International
ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की यह कंपनी सऊदी अरब और यूएई में मजबूत मौजूदगी रखती है। हाल ही में कंपनी को सऊदी अरब से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के कई प्रोजेक्ट ऑर्डर मिले हैं।

Welspun Corp
कंपनी की सऊदी अरब में मजबूत मौजूदगी है और वहां कई बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कंपनी लगभग 1,700 करोड़ रुपये का निवेश भी कर रही है।

Sterling & Wilson Renewables
यह EPC सर्विस प्रोवाइडर सऊदी अरब, यूएई और ओमान में ऑपरेशन चला रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में इसका सीधा एक्सपोजर है।

VA Tech Wabag
कंपनी सऊदी अरब में बड़े वेस्टवॉटर और डीसैलिनेशन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। GCC देशों में इस सेक्टर में लगातार नए अवसर बन रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता है तो तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों पर असर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।