पटना। Bihar की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। करीब दो दशकों से राज्य की सत्ता के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब सक्रिय कार्यपालिका की भूमिका से हटकर संसद के उच्च सदन Rajya Sabha में जाने की तैयारी कर रहे हैं। जदयू नेतृत्व की ओर से इस फैसले की पुष्टि के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, जनता दल यूनाइटेड यानी Janata Dal (United) ने नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है। इसे बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि नीतीश कुमार करीब 21 वर्षों से राज्य की सत्ता की धुरी रहे हैं।
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार सुबह 8 बजे अपने सरकारी आवास पर जदयू विधायकों की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में आगे की राजनीतिक रणनीति और सत्ता के संभावित बदलावों को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
इसी के साथ यह भी चर्चा तेज है कि नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar की भी राजनीति में औपचारिक एंट्री हो सकती है। माना जा रहा है कि जदयू आने वाले समय में नई राजनीतिक रणनीति के तहत युवा नेतृत्व को आगे लाने की तैयारी में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और राज्य में नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
