संजू पैकरा/बलौदाबाजार 6 मार्च 2026
चूल्हे-चौके से ‘लखपति दीदी’ तक पहुंचीं माहेश्वरी यादव, बिहान समूह से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम कोरदा की रहने वाली श्रीमती माहेश्वरी यादव आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। कभी घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली माहेश्वरी ने बिहान समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा ही बदल दी।
करीब चार वर्ष पहले उन्होंने अपने पति श्री रामेश्वर यादव के सहयोग और बिहान योजना से मिली आर्थिक सहायता के माध्यम से गांव में एक छोटी सी किराना दुकान की शुरुआत की। मेहनत, लगन और बेहतर प्रबंधन के दम पर उनकी यह छोटी दुकान आज परिवार की आय का मुख्य साधन बन चुकी है।

दुकान के सफल संचालन से माहेश्वरी यादव अब सालाना करीब 1 से 1.5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं और ‘लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं। इस आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा लाभ उनके बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है। उनके तीन बेटे हैं, जो वर्तमान में 12वीं, 8वीं और 5वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं।
माहेश्वरी यादव का कहना है कि बिहान समूह से जुड़ने के बाद उन्हें समाज में एक नई पहचान मिली है और आज वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का बेहतर भविष्य बना रही हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है।
माहेश्वरी की सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन मिले तो गांव की महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।
