पश्चिम बंगाल  विधानसभा चुनाव…बिलासपुर जोन से 16 स्पेशल ट्रेनें चलेगी  

बिलासपुर  18 अप्रैल 2026 : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब महज एक सप्ताह बचा है। ऐसे में दूसरे राज्यों में काम करने गए वोटर्स की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। बिलासपुर जोन से होकर कुल 16 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें कुछ ट्रेनें समर वेकेशन के नाम पर पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि ज्यादातर ट्रेनें मतदान से 2 से 4 दिन पहले चलाई जाएंगी।

हालांकि, रेलवे ने आधिकारिक तौर पर इन ट्रेनों को चुनाव से नहीं जोड़ा है, लेकिन इसकी टाइमिंग को देखते हुए इसे चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है।

दरअसल, रेलवे की समर स्पेशल ट्रेनों का फोकस पश्चिम बंगाल रूट पर ज्यादा है। बड़ी संख्या में वहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं। ऐसे में इन ट्रेनों को मतदाताओं की सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज बोले- चुनाव के लिए अभी ट्रेनों को बंगाल भेजा जा रहा है, जो चुनाव के बाद वापस आ जाएंगी। यह प्रोपेगेंडा है और वोट के लिए लालच दिया जा रहा है।

रेलवे ने उन शहरों को फोकस किया है, जहां बंगाल, असम और दक्षिण भारत के श्रमिक और मध्यम वर्गीय वोटर बड़ी संख्या में रहते हैं।

पुणे-एलटीटी-वलसाड रूट : यहां से सांतरागाछी और खड़गपुर के लिए विशेष ट्रेनें दी गई हैं, ताकि महाराष्ट्र और गुजरात में रहने वाले वोटर समय पर पहुंच सकें।

दुर्ग-गोंदिया-इतवारी : बिलासपुर जोन की ये तीन प्रमुख ट्रेनें स्थानीय स्तर पर बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए लाइफलाइन बनेंगी।

पटना-रक्सौल कॉरिडोर : इन ट्रेनों के जरिए मालदा, दिनाजपुर, वीरभूम और हल्दिया जैसे संवेदनशील चुनावी इलाकों के वोटरों को टारगेट किया गया है।

रद्द हुई ट्रेनों को किया रिस्टोर, स्पेशल ट्रेन भी

5 राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के चलते इसे सीजन का चुनावी स्पेशल ट्रेन कहा जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि गोंदिया में वॉशेबल एप्रन के काम के कारण शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस को 24 अप्रैल तक रद्द किया गया था।

लेकिन ऐन चुनाव से पहले 29 मार्च को नया आदेश जारी कर इसे बहाल कर दिया गया है। इसी तरह शालीमार-इतवारी के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन की सौगात भी दे दी गई।