रायपुर 18 अप्रैल 2026 : छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले में IAS अधिकारी समीर बिश्नोई के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। ताजा घटनाक्रम में जांच एजेंसियों ने उनकी 9 और संपत्तियों को अटैच (जब्त) किया है, जिससे केस में शिकंजा और कस गया है।
यह मामला कथित कोयला लेवी (Coal Levy) घोटाले से जुड़ा है।आरोप है कि कोयला परिवहन में प्रति टन ₹25 की अवैध वसूली की जाती थी।इस कथित नेटवर्क में अफसर, कारोबारी और अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।
संपत्तियों पर कार्रवाई क्यों प्रवर्तन निदेशालय (ED) का मानना है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई (Proceeds of Crime) से बनाई गई हैं। इसी आधार पर PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) के तहत अटैचमेंट की कार्रवाई की जाती है।पहले भी इस केस में सैकड़ों करोड़ की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। ED पहले ही इस केस में 90 से ज्यादा संपत्तियां अटैच कर चुकी है। कुल मिलाकर कई आरोपियों की सैकड़ों करोड़ की संपत्ति जब्त होने की बात सामने आई है। इस घोटाले में रोजाना ₹2–3 करोड़ तक की वसूली का आरोप भी लगाया गया था।
इस केस में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भी पहले ED की संपत्ति अटैचमेंट कार्रवाई को सही ठहराया है, यह कहते हुए कि मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में प्रारंभिक लिंक पर्याप्त होता है। कुल मिलाकर, IAS समीर बिश्नोई के खिलाफ जांच अभी जारी है और लगातार नई संपत्तियों पर कार्रवाई से संकेत मिल रहा है कि एजेंसियां इस केस को और मजबूत करने में जुटी हैं।
