नई दिल्ली : 06 जून 2026 : न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर स्टेडियम में जब पारा 38 डिग्री सेल्सियस को छू रहा था, तब क्रीज पर एक बल्लेबाज न सिर्फ अफगान गेंदबाजों से लड़ रहा था, बल्कि झुलसा देने वाली गर्मी और उमस से भी दो-हाथ कर रहा था. यह बल्लेबाज कोई और नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के सबसे क्लासिक खिलाड़ियों में से एक, केएल राहुल थे. अफगानिस्तान के खिलाफ इस ऐतिहासिक वन-ऑफ टेस्ट मैच में राहुल ने अपने धैर्य, क्लास और मानसिक मजबूती का बेजोड़ नमूना पेश करते हुए अपने टेस्ट करियर का 12वां शतक जड़ा.यह उनके इंटरनेशनल करियर का 22वां शतक भी है. लेकिन इस पारी की कहानी सिर्फ रनों की नहीं, बल्कि उस तड़पा देने वाली गर्मी की भी है जिसने राहुल के शरीर को निचोड़ दिया था, पर उनके इरादों को नहीं डिगा सकी.
6 जून 2026 की इस तपती दोपहरी में न्यू चंडीगढ़ का मैदान किसी भट्टी की तरह तप रहा था. 38 डिग्री तापमान और हवा में भारी उमस के बीच सांस लेना भी मुश्किल हो रहा था. जब केएल राहुल (KL Rahul) बल्लेबाजी करने उतरे, तो भारतीय टीम की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी. शुरुआत में गेंद थोड़ा मूव कर रही थी और अफगान गेंदबाज पूरे जोश में थे. ऐसे माहौल में राहुल ने अपनी रणनीति बदली. उन्होंने जल्दबाजी करने के बजाय खुद को क्रीज पर वक्त दिया.य जैसे-जैसे सूरज की किरणें तीखी होती गईं, राहुल का डिफेंस और मजबूत होता गया. उन्होंने अफगान स्पिनरों और तेज गेंदबाजों को थकाया.
