रायपुर 16 जून 2026 : छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई हालिया बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग करते हुए 17 और 18 जून को प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का ऐलान किया है। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली की बढ़ी हुई कीमतों से आम उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जबकि सरकार जनता को राहत देने के बजाय महंगाई बढ़ाने का काम कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर 17 जून को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता बिजली दर वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे तथा सरकार के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि जनता के हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि बढ़ी हुई बिजली दरों का असर सीधे तौर पर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा।
आंदोलन के दूसरे चरण में 18 जून को प्रदेश के सभी जिलों में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस जनता के सामने बिजली दर वृद्धि से जुड़े तथ्यों और अपने विरोध के कारणों को रखेगी। पार्टी का कहना है कि सरकार को जनता के हित में तुरंत इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और बढ़ी हुई दरों को वापस लेना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस ने जिला, शहर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों, सांसद प्रत्याशियों, विधायकों, पूर्व विधायकों, मोर्चा संगठनों, प्रकोष्ठों और अन्य जनप्रतिनिधियों को आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए हैं। पार्टी संगठन स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि प्रदेशभर में एक साथ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जा सके। कांग्रेस का दावा है कि बिजली दर वृद्धि के खिलाफ जनता में भी नाराजगी है और आंदोलन को व्यापक समर्थन मिलेगा।
कांग्रेस का कहना है कि नई बिजली दरों का सबसे ज्यादा असर किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा। कृषि पंपों के लिए बिजली महंगी होने से खेती की लागत बढ़ेगी, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता पर सरकार ने एक और बोझ डाल दिया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को मंजूरी दी है। इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त भुगतान करना होगा। कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि आयोग ने बिजली कंपनी की ओर से प्रस्तावित 24 प्रतिशत वृद्धि को स्वीकार नहीं किया और औसतन 6.23 प्रतिशत दर बढ़ाने की अनुमति दी।
CSERC का कहना है कि राज्य में औसतन 40 से 42 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं के निचले स्लैब में 30 पैसे और ऊपरी स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि लागू की गई है। आयोग के अनुसार प्रदेश में लागू बिजली बिल हाफ योजना के कारण 400 यूनिट तक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की छूट मिलती रहेगी। आयोग का दावा है कि राज्य के लगभग 70 से 75 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता इसी श्रेणी में आते हैं, इसलिए उन पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम होगा।
