04 जुलाई 2026 : ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शुक्रवार से शुरू हुए कार्यक्रम में दुनिया के करीब 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 86 वर्षीय अली खामेनेई की 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में मौत हो गई थी। यह हमला उनके आवास पर किया गया था और इसे अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध का पहला बड़ा सैन्य अभियान माना गया।
इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हकीम इलाही ने बताया कि इज़राइल की ओर से संभावित खतरे और निगरानी की आशंका को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को जोखिम भरा माना गया है।
बताया गया कि मोजतबा खामेनेई इससे पहले अपनी पत्नी ज़हरा हद्दाद-अदेल के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुए थे। उनकी पत्नी की भी 28 फरवरी के उसी अमेरिकी-इज़राइली हवाई हमले में मौत हुई थी। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शुक्रवार को ईरान पहुंच गए हैं। भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ईरान जाएंगे। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान पहुंच गई हैं।
