एयर इंडिया की बड़ी उड़ान! दुनिया की चौथी सबसे ऑन-टाइम एयरलाइन बनी

नई दिल्ली 10 जुलाई 2026 : विमानन क्षेत्र से भारत के लिए एक बड़ी और गर्व की खबर आई है। टाटा ग्रुप (Tata Group) के स्वामित्व वाली एअर इंडिया (Air India) दुनिया की चौथी सबसे ऑन-टाइम (समय पर उड़ान भरने और पहुंचने वाली) एयरलाइन बन गई है। एअर इंडिया ने यह मुकाम जून 2026 की रैंकिंग में हासिल किया है।

विमानन क्षेत्र की प्रमुख एनालिटिक्स फर्म सिरियम (Cirium) की ‘जून 2026 ऑन-टाइम परफॉर्मेंस रिपोर्ट’ के अनुसार, एअर इंडिया ने समय की पाबंदी के मामले में सिंगापुर एयरलाइंस और एमिरेट्स जैसी दिग्गज वैश्विक एयरलाइंस को भी पीछे छोड़ दिया है।

पेश है इस बड़ी कामयाबी पर पूरी समाचार रिपोर्ट:

एअर इंडिया का ऐतिहासिक प्रदर्शन (जून 2026)

जून महीने के दौरान एअर इंडिया का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा:

  • ऑन-टाइम अराइवल (समय पर पहुंच): एअर इंडिया की 86.85% फ्लाइट्स अपने तय समय पर मंजिलों तक पहुंचीं। सिरियम ने इस दौरान एअर इंडिया की कुल 15,135 फ्लाइट्स को ट्रैक किया था।

  • ऑन-टाइम डिपार्चर (समय पर उड़ान): एयरलाइन ने 86.23% उड़ानों को समय पर रवाना किया।

  • फ्लाइट कंप्लीशन फैक्टर: यह 99.7% रहा, जिसका मतलब है कि जून में शेड्यूल की गई लगभग सभी फ्लाइट्स बिना रद्द हुए सफलापूर्वक संचालित हुईं।

दुनिया की टॉप-5 ऑन-टाइम एयरलाइंस

दुनियाभर की बड़ी (ग्लोबल) एयरलाइंस की इस सूची में एअर इंडिया ने चौथे स्थान पर जगह बनाई है:

  1. सौदिया (Saudia) – 92.38%

  2. कोरियन एयर (Korean Air) – 88.56%

  3. एरोमेक्सिको (Aeromexico) – 86.94%

  4. एअर इंडिया (Air India) 86.85%

  5. सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines) – 86.74%

 ध्यान दें: एअर इंडिया ने न सिर्फ सिंगापुर एयरलाइंस बल्कि वेस्टजेट, एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसी टॉप कंपनियों को भी टॉप-10 रैंकिंग में पीछे छोड़ दिया है। साथ ही, एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में भी एअर इंडिया चौथे नंबर पर रही और इंडिगो (IndiGo) से आगे निकल गई।_

कैसे हुआ यह बड़ा बदलाव?

कभी उड़ानों में देरी के लिए चर्चा में रहने वाली एअर इंडिया में यह बदलाव टाटा ग्रुप के आने के बाद शुरू हुए विहान.एआई (Vihaan.AI) ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम की वजह से आया है। एअर इंडिया ने इस सुधार के पीछे निम्नलिखित कारण बताए हैं:

  • मजबूत नेटवर्क प्लानिंग: दिल्ली और मुंबई जैसे भारत के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों (हब) पर कंजेशन (भीड़) और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की पाबंदियों से निपटने के लिए रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और नए टूल्स का इस्तेमाल किया गया।

  • विमानों का कायाकल्प (Fleet Renewal): एअर इंडिया ने एयरबस और बोइंग को 600 नए विमानों का ऑर्डर दे रखा है। पिछले 6 महीनों में 3 नए बोइंग 787-9 विमान बेड़े में शामिल हुए हैं और पुराने विमानों के इंटीरियर को भी तेजी से बदला जा रहा है।

  • फास्ट डिसीजन मेकिंग: किसी भी तकनीकी खराबी या खराब मौसम की स्थिति में उड़ानों में होने वाली देरी के असर को कम करने के लिए तुरंत फैसले लेने की प्रक्रिया को सुधारा गया।

एअर इंडिया का यह प्रदर्शन भारतीय विमानन (Indian Aviation) के इतिहास में एक मील का पत्थर है, जो दिखाता है कि भारतीय एयरलाइंस अब वैश्विक स्तर पर विश्वसनीयता के नए मानक स्थापित कर रही हैं।