पेपर लीक माफिया की अब खैर नहीं! 27 जुलाई को संसद में आएगा सख्त कानून

नई दिल्ली 24 जुलाई 2026 : देश में लगातार सामने आ रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों पर नकेल कसने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पेपर लीक संशोधन बिल को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस नए और सख्त कानून के विधेयक को आगामी 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है।

पीएम मोदी का आधी रात का वीडियो संदेश और छात्रों को भरोसा

इससे पहले गुरुवार आधी रात को ठीक 12 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर 2 मिनट 56 सेकंड का एक वीडियो संदेश जारी किया। इस संदेश के जरिए उन्होंने देश के छात्रों और उनके अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सरकार पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ सबसे कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों युवाओं और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों के दौरान सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं, जिसके तहत कई गुनहगारों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो, इसके लिए कम समय के भीतर 22 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई गई और 19 जुलाई को इसका परिणाम भी घोषित कर दिया गया। इसके साथ ही, मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के निर्देश भी दिए गए हैं।

राहुल गांधी और विपक्षी दलों का तीखा हमला

प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम के संदेश को “आधी रात का बेकार वीडियो” करार दिया। राहुल गांधी ने लिखा कि देश के छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री को तुरंत उनके पद से हटाया जाए, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों को सजा दी जाए और सरकार छात्रों से माफी मांगे।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के खिलाफ सरकार यदि कोई सबसे सख्त और प्रभावी कार्रवाई कर सकती है, तो वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाना है।

NEET UG विवाद और सीबीआई जांच का दायरा

यह पूरा विवाद मूल रूप से 3 मई को आयोजित हुए नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा के पेपर लीक मामले से उपजा है। इस घटना के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रदर्शन जारी है। इसके अलावा, पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों का लंबा अनशन किया गया और संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है।

वर्तमान में इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। जांच का दायरा महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों तक फैला हुआ है। इस मामले में अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और संभावना जताई जा रही है कि सीबीआई जल्द ही इस मामले में अपनी पहली चार्जशीट अदालत में दाखिल कर सकती है।