पुराने ‘मैच विनर’ पर KKR का भरोसा, रयान टेन डोशेट को मिली अहम भूमिका

नई दिल्ली 29 जुलाई 2026 :  क्रिकेट जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत क्रिकेट टीम के पूर्व असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट की एक बार फिर नाइट राइडर्स परिवार में वापसी हो गई है। नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स ने उन्हें ‘हेड ऑफ क्रिकेट स्ट्रैटेजी’ नियुक्त किया है। इस नई भूमिका में वह दुनिया भर में नाइट राइडर्स समूह की सभी फ्रेंचाइजी टीमों के लिए क्रिकेट रणनीति तैयार करने, नए खिलाड़ियों की पहचान करने और टैलेंट डेवलपमेंट की जिम्मेदारी संभालेंगे।

इंग्लैंड दौरे के बाद छोड़ा था टीम इंडिया का साथ

रयान टेन डोशेट ने हाल ही में इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के असिस्टेंट कोच का पद छोड़ दिया था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने कई अहम सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया। अब राष्ट्रीय टीम से अलग होने के बाद उन्होंने एक बार फिर फ्रेंचाइजी क्रिकेट में नई पारी की शुरुआत की है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि टेन डोशेट का अनुभव और आधुनिक क्रिकेट की समझ नाइट राइडर्स समूह को भविष्य में और मजबूत बना सकती है।

दुनियाभर की टीमों की रणनीति पर रहेगा फोकस

हेड ऑफ क्रिकेट स्ट्रैटेजी के तौर पर रयान टेन डोशेट सिर्फ एक टीम तक सीमित नहीं रहेंगे। उनकी जिम्मेदारी नाइट राइडर्स परिवार की वैश्विक फ्रेंचाइजी टीमों के लिए दीर्घकालिक क्रिकेट रणनीति तैयार करना होगी। इसके अलावा वह खिलाड़ियों की स्काउटिंग, युवा प्रतिभाओं की खोज, हाई-परफॉर्मेंस प्रोग्राम और टीमों के बीच समन्वय को भी मजबूत करेंगे।

उनका उद्देश्य सभी फ्रेंचाइजी में एक समान क्रिकेट दर्शन विकसित करना और भविष्य के लिए मजबूत खिलाड़ी तैयार करना होगा।

पहले भी नाइट राइडर्स के साथ निभा चुके हैं अहम भूमिका

रयान टेन डोशेट का नाइट राइडर्स परिवार से पुराना रिश्ता रहा है। खिलाड़ी और कोच दोनों भूमिकाओं में उन्होंने टीम के साथ काम किया है। उनकी रणनीतिक सोच, शांत नेतृत्व और खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल की वजह से उन्हें फ्रेंचाइजी का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है।

यही कारण है कि संगठन ने एक बार फिर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए क्रिकेट संचालन की महत्वपूर्ण भूमिका दी है।

युवा खिलाड़ियों के विकास पर रहेगा विशेष जोर

नाइट राइडर्स स्पोर्ट्स ने स्पष्ट किया है कि टेन डोशेट की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करना और वैश्विक स्तर पर टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत बनाना है। वह विभिन्न देशों में उभरते खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार करेंगे।

इसके साथ ही डेटा एनालिटिक्स, प्रदर्शन मूल्यांकन और आधुनिक क्रिकेट तकनीकों के बेहतर उपयोग पर भी उनका विशेष ध्यान रहेगा।