छत्तीसगढ़ BJP में ‘समोसा संग्राम’! जिलाध्यक्षों की कथित बातचीत वायरल, कांग्रेस का तंज

भिलाई 01 अगस्त 2026 :  छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक कथित ऑडियो क्लिप को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दुर्ग जिले के भिलाई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो जिला पदाधिकारियों के बीच फोन पर हुई कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में पार्टी कार्यक्रम के दौरान नाश्ता, चाय, पानी और स्वागत व्यवस्था के खर्च को लेकर तीखी बहस सुनाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि बातचीत भाजपा जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष खगेश कोसरिया के बीच हुई है।

हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा की ओर से भी इसकी प्रामाणिकता पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

नाश्ता और स्वागत खर्च को लेकर हुई बहस

सोशल मीडिया पर वायरल कथित ऑडियो में दोनों नेताओं के बीच पार्टी कार्यक्रम के आयोजन में हुए खर्च को लेकर बहस सुनाई देती है। बातचीत में चाय-नाश्ता, पानी और अतिथियों के स्वागत की व्यवस्था का खर्च किसे उठाना चाहिए, इस पर तीखी नोकझोंक होती है।

ऑडियो में एक पक्ष यह कहते हुए सुनाई देता है कि यदि कार्यक्रम का खर्च उठाना संभव नहीं है तो जिम्मेदारी छोड़ देनी चाहिए। इस दौरान बातचीत का लहजा भी काफी तीखा बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

ऑडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग पार्टी के अंदरूनी मतभेदों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक माहौल में सामान्य संगठनात्मक चर्चा बता रहे हैं। वायरल क्लिप को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार साझा किया जा रहा है।

कांग्रेस ने साधा निशाना

विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा पर तंज कसा है। कांग्रेस नेताओं ने इसे “समोसे पर संग्राम” बताते हुए कहा कि जो पार्टी बड़े-बड़े दावे करती है, उसके भीतर अब चाय-नाश्ते के खर्च को लेकर विवाद सामने आ रहा है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा के संगठनात्मक प्रबंधन पर भी सवाल उठाए हैं।

वायरल ऑडियो को लेकर भाजपा की ओर से अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है। यदि ऑडियो की सत्यता और संदर्भ की पुष्टि होती है, तो संगठन स्तर पर आवश्यक निर्णय लिया जा सकता है।