FSSAI का बड़ा एक्शन: शराब में ‘नकली स्वाद’ पर सख्ती, नियम तोड़ने वाले ब्रांड्स पर शिकंजा

नई दिल्ली 03 अगस्त 2026 :  भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब बनाने वाली कंपनियों पर की गई हालिया कार्रवाई को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्राधिकरण ने कहा है कि यह कार्रवाई पूरी शराब उद्योग के खिलाफ नहीं, बल्कि केवल उन कंपनियों और ब्रांड्स के खिलाफ की गई है जो निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर गैर-अनुमोदित फ्लेवर का इस्तेमाल कर रही थीं और अपने उत्पादों को लेकर भ्रामक दावे कर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही थीं।

गैर-अनुमोदित फ्लेवर पर सख्त कार्रवाई

एफएसएसएआई के अनुसार, जांच के दौरान कुछ कंपनियों द्वारा ऐसे फ्लेवर और एडिटिव्स का उपयोग किए जाने की जानकारी सामने आई, जिन्हें नियमानुसार मंजूरी प्राप्त नहीं थी। इसके अलावा कुछ उत्पादों के प्रचार और लेबलिंग में ऐसे दावे किए गए, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। ऐसे मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

पूरी शराब इंडस्ट्री पर नहीं है कार्रवाई

मीडिया में चल रही खबरों के बाद एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई को पूरी शराब इंडस्ट्री पर लागू मानना गलत होगा। प्राधिकरण ने कहा कि जो निर्माता सभी नियमों और गुणवत्ता मानकों का पालन कर रहे हैं, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। कार्रवाई केवल उन संस्थाओं पर केंद्रित है, जिनके खिलाफ नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिले हैं।

उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा पर जोर

एफएसएसएआई ने कहा कि उसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। किसी भी उत्पाद में ऐसे फ्लेवर, एडिटिव्स या दावे स्वीकार नहीं किए जाएंगे जो नियामक मानकों के अनुरूप न हों। प्राधिकरण ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे लेबलिंग, सामग्री और विज्ञापन से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन करें।

कंपनियों को नियमों के पालन की चेतावनी

प्राधिकरण ने शराब निर्माता कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि भविष्य में यदि किसी उत्पाद में गैर-अनुमोदित सामग्री या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी नियामकीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी निर्माताओं से गुणवत्ता नियंत्रण और अनुपालन प्रक्रिया को और मजबूत करने को कहा गया है।