सुकमा 04 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को बोधराज पाड़र के जंगलों में चलाए गए संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के एक छिपे हुए डंप का पता लगाया। तलाशी के दौरान वहां से 315 बोर की बोल्ट एक्शन रायफल और 47 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को सुरक्षित कर जब्त सामग्री को कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई को नक्सलियों की गतिविधियों पर बड़ा झटका माना जा रहा है।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन में मिली सफलता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने बोधराज पाड़र के घने जंगलों में संयुक्त सर्च अभियान चलाया। अभियान में विभिन्न सुरक्षा इकाइयों के जवान शामिल थे। तलाशी के दौरान जंगल में संदिग्ध स्थान पर छिपाकर रखा गया नक्सली डंप बरामद हुआ।
डंप की जांच करने पर उसमें हथियार और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद रखा हुआ मिला, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया।
315 बोर रायफल और 47 जिंदा कारतूस बरामद
बरामद सामग्री में 315 बोर की एक बोल्ट एक्शन रायफल और 47 जिंदा कारतूस शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि नक्सलियों ने भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से इन हथियारों और कारतूसों को जंगल में छिपाकर रखा था।
सुरक्षाबलों ने आसपास के क्षेत्र की भी गहन तलाशी ली, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां अन्य विस्फोटक सामग्री या हथियार तो नहीं छिपाए गए हैं।
नक्सलियों की साजिश नाकाम
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते इस डंप के बरामद होने से नक्सलियों की एक बड़ी योजना विफल हो गई है। हथियार और कारतूस मिलने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। साथ ही जंगल के आसपास लगातार कॉम्बिंग अभियान भी जारी रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार चलाए जा रहे अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है और नक्सलियों की गतिविधियां सीमित होती जा रही हैं।
इलाके में सर्च अभियान जारी
बरामदगी के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान तेज कर दिया है। जंगल के भीतर संभावित ठिकानों और संदिग्ध स्थानों की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह हथियार किस नक्सली संगठन या दलम द्वारा छिपाए गए थे और इनके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित जिलों में सुरक्षा बल लगातार संयुक्त अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों के चलते कई बार हथियार, विस्फोटक सामग्री, नक्सली साहित्य और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
