सब इंस्पेक्टर परीक्षा में अजीबोगरीब नामों पर बवाल! ‘हे राम’ और ‘तुफैल’ न्यूज, को लेकर CGPSC ने जारी किया स्पष्टीकरण

रायपुर 07 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा घोषित सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के परिणाम के बाद सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है। इस सूची में “हे राम”, “तुफैल” और “न्यूज” जैसे नाम दिखाई देने के बाद अभ्यर्थियों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई लोगों ने परीक्षा परिणाम की पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया। बढ़ते विवाद को देखते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने पूरे मामले पर आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।

वायरल स्क्रीनशॉट से शुरू हुआ विवाद

परीक्षा परिणाम जारी होने के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक कथित मेरिट सूची का स्क्रीनशॉट वायरल होने लगा। इसमें कुछ अभ्यर्थियों के नाम की जगह “हे राम”, “तुफैल” और “न्यूज” जैसे शब्द दिखाई दे रहे थे। इसके बाद कई यूजर्स ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पोस्ट साझा किए, जिससे मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

CGPSC ने जारी किया आधिकारिक बयान

विवाद बढ़ने पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रही सूची को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। आयोग ने कहा कि परीक्षा परिणाम निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी किए गए हैं और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें तथा सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट जानकारी से बचें।

तकनीकी कारणों से दिखे अलग-अलग शब्द

आयोग के अनुसार, वायरल स्क्रीनशॉट में दिखाई दे रहे शब्द वास्तविक चयनित अभ्यर्थियों के नाम नहीं हैं। प्रारंभिक जांच में यह तकनीकी त्रुटि, डेटा डिस्प्ले या स्क्रीनशॉट के साथ हुई छेड़छाड़ का मामला प्रतीत हो रहा है। आयोग ने कहा कि वास्तविक रिकॉर्ड सुरक्षित हैं और चयन प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप संपन्न हुई है।

अफवाहों से बचने की अपील

CGPSC ने सभी अभ्यर्थियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के किसी भी स्क्रीनशॉट या संदेश को साझा न करें। आयोग ने कहा कि किसी भी परीक्षा से संबंधित आधिकारिक सूचना केवल उसकी वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से ही जारी की जाती है।

सोशल मीडिया पर फैली चर्चा

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने मामले की जांच की मांग की, जबकि कई लोगों ने आयोग के स्पष्टीकरण के बाद अफवाहों पर रोक लगाने की बात कही। विशेषज्ञों का भी कहना है कि किसी भी भर्ती परीक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है।