सक्ती 07 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) के कक्षा 9वीं के छात्र उमेश कंवर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS), नई दिल्ली ने विद्यालय के प्राचार्य मनोज गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मामले की गंभीरता और प्रारंभिक तथ्यों को देखते हुए की गई है। आदेश जारी होने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन में भी हलचल तेज हो गई है।
CCS नियमों के तहत जारी हुआ निलंबन आदेश
जारी आदेश के अनुसार, प्राचार्य मनोज गुप्ता के खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (CCS) नियम, 1965 के नियम 10(1) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें EMRS सोसायटी, नया रायपुर से संबद्ध किया गया है। इस दौरान वे अपने मूल पद पर कार्य नहीं करेंगे और विभागीय जांच पूरी होने तक उन्हें वहीं से प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना होगा।
छात्र की संदिग्ध मौत के बाद उठा था विवाद
कक्षा 9वीं के छात्र उमेश कंवर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों की निगरानी और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई थीं। मामले ने पूरे क्षेत्र में संवेदनशील रूप ले लिया था।
जांच के बीच प्रशासनिक कार्रवाई
NESTS की ओर से की गई यह कार्रवाई विभागीय जांच की प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की मौत के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
विद्यालय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद आवासीय विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संस्थानों में विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी, मानसिक परामर्श, सुरक्षा प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मृतक छात्र के परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा होना चाहिए, ताकि परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में अन्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
