अब ₹10-₹20 के प्लास्टिक नोट! सरकार ने दी ट्रायल को मंजूरी, 100-100 करोड़ नोट छपेंगे

नईदिल्ली  11 अगस्त 2026 :  आपकी जेब में रखे ₹10 और ₹20 के कागजी नोट जल्द ही प्लास्टिक के नए अवतार में नजर आ सकते हैं। केंद्र सरकार ने 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के पॉलीमर बैंक नोट पेश करने के भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को फील्ड ट्रायल के लिए मंजूरी दे दी है। साथ ही सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा कागजी नोटों को पूरी तरह से बंद करने या बदलने की कोई योजना नहीं है। ये नए पॉलीमर नोट कागजी नोटों के साथ ही बाजार में चलन में रहेंगे।

हालिया मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि पॉलीमर नोटों की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से होगी। गवर्नर ने कहा, ‘हमने फिलहाल पॉलीमर सबस्ट्रेट के लिए टेंडर फ्लोट किया है, जिस पर बैंक नोट छापे जाएंगे।’ सबस्ट्रेट आने के बाद इसकी कड़ी टेस्टिंग, सिक्योरिटी क्लीयरेंस और कई चरणों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें कई आधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल होंगे, जिनकी जानकारी सही समय पर दी जाएगी।

नहीं! सरकार ने साफ किया है कि पुराने कागजी नोट खत्म नहीं होंगे। वित्त राज्य मंत्री के अनुसार, पॉलीमर नोटों को कागजी नोटों के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि उनके साथ-साथ चलाने के लिए जारी किया जाएगा। यानी आपके पास ₹10 और ₹20 के पुराने कागज वाले नोट भी पूरी तरह मान्य और चलन में रहेंगे।

पॉलीमर नोट बाइ-एक्सियली ओरिएंटेड पॉलीप्रोपलीन (BOPP) नामक एक टिकाऊ प्लास्टिक फिल्म से बनाए जाते हैं। यह सामान्य कॉटन-पेपर नोटों की तुलना में 2.5 से 4 गुना अधिक टिकाऊ होते हैं। ये नोट पानी से खराब नहीं होते, आसानी से नहीं फटते और गंदे नहीं होते। इनमें एडवांस्ड एंटी-काउंटरफिटिंग फीचर्स होते हैं, जिससे नकली नोट बनाना लगभग असंभव होता है।

सरकार का कहना है कि बैंक नोट और डिजिटल पेमेंट सिस्टम दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। पॉलीमर नोट आने से डिजिटल पेमेंट पर क्या असर पड़ेगा, इसका सटीक आकलन नियमित जारी होने के बाद ही किया जा सकेगा। आम ग्राहकों के लिए इसका सीधा फायदा यह होगा कि जेब में कटने-फटने या पानी में भीगने से नोट खराब होने का डर खत्म हो जाएगा और बाजार में साफ-सुथरी करेंसी बनी रहेगी।