हैदराबाद 20 अगस्त 2026 : तेलंगाना के नलगोंडा जिले में स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, एक प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल और डायरेक्टर रूपा रेड्डी की हत्या का आरोप 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों पर है। आरोप है कि दोनों ने प्रिंसिपल पर चाकू से 27 वार किए और वारदात के बाद फरार हो गए।
घर में अकेली थीं प्रिंसिपल
पुलिस के अनुसार, 11 अगस्त को रूपा रेड्डी अपने घर में अकेली थीं, जहां वह मृत अवस्था में मिलीं। जांच में सामने आया कि उनके शरीर पर चाकू से 27 बार वार किए गए थे। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे चोरी की घटना सामने आई।
आरोप है कि प्रिंसिपल ने दोनों में से एक छात्र को अपने घर से चोरी करते हुए पकड़ लिया था। इसके बाद छात्रों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
‘बाबू’ शब्द बना पुलिस के लिए अहम सुराग
इस हत्याकांड की जांच में मृतका की अपनी मौसी से हुई आखिरी फोन बातचीत अहम साबित हुई। पुलिस के मुताबिक, फोन बंद होने से कुछ देर पहले रूपा ने बातचीत के दौरान ‘बाबू’ शब्द कहा था।
तेलंगाना में ‘बाबू’ शब्द का इस्तेमाल बच्चों या छात्रों को संबोधित करने के लिए भी किया जाता है। इसी वजह से पुलिस ने स्कूल के छात्रों की भूमिका की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो 10वीं कक्षा के दो छात्रों पर शक गहराता गया।
हत्या के बाद छात्रों ने जमकर उड़ाए पैसे
नलगोंडा के पुलिस अधीक्षक शरत चंद्र पवार के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला कि दो 10वीं के छात्र अचानक काफी पैसे खर्च कर रहे थे और दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे थे। इसके बाद पुलिस का शक और मजबूत हो गया।
पुलिस ने बुधवार सुबह दोनों नाबालिगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान एक छात्र के पास से 1.51 लाख रुपये नकद और आईफोन बरामद होने की बात सामने आई।
नकदी में मिले इंसानी खून के निशान
पुलिस के मुताबिक, छात्र ने पूछताछ में दावा किया कि उसके पास मौजूद पैसे उसके माता-पिता ने दिए थे। हालांकि, नकदी की फोरेंसिक जांच में इंसानी खून के निशान मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम और अन्य सामान का संबंध प्रिंसिपल की हत्या से कैसे है। मामले में दोनों नाबालिगों से पूछताछ जारी है और पुलिस हत्या से जुड़े अन्य सबूत भी जुटा रही है।
