CG BREAKING रायपुर 05 सितम्बर 2026 : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में आज बड़ा फैसला सामने आया है। NIA की विशेष अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। करीब 13 साल पुराने इस मामले के फैसले पर पूरे छत्तीसगढ़ की नजर टिकी हुई थी।
25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। NIA ने मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी ।
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चला था, जिनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और अंतिम बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था।
सभी 10 आरोपियों के नाम
- प्रमिला कोडियाम उर्फ ज्योति
- बंजामी उर्फ सन्ना
- अयाता मरकाम / अयाता माड़कम
- मुक्का मंडावी
- मड़कामी देवा
- कवासी कोसा
- चौतू उर्फ मुन्ना
- कोसा कवासी
- महादेव नाग
- सुमित्रा (जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया था) / या अन्य सह-आरोपी जो इस ट्रायल का हिस्सा रहे.
कई बड़े नेताओं समेत 31 लोगों की मौत हुई थी
25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ का काफिला सुकमा में बड़ी सभा के बाद लौट रहा था. इसी दौरान झीरम घाटी के घने जंगलों में हथियारबंद माओवादियों ने काफिले पर हमला कर दिया. इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत 31 लोगों की मौत हुई थी.
अदालत ने कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए
एनआईए ने इस मामले में 25 सितंबर 2014 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों के नाम शामिल थे. इसके बाद दो और संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद एनआईए ने 28 सितंबर 2015 को 35 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई हुई, लेकिन इनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई. वहीं, 33 नामजद आरोपी अब भी फरार बताए गए हैं. अंतिम दलीलें पूरी होने से पहले अदालत ने कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए थे.
