Breaking News : 05 सितम्बर 2026 : जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन अशदर (Op Ashdar) के दौरान हुई मुठभेड़ में पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया है. मारे गए आतंकी की पहचान यासिर के रूप में हुई है, जो पाकिस्तान का रहने वाला और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा था.
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, यासिर जम्मू-कश्मीर में हुए कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा था. शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसका नाम कम से कम पांच बड़े आतंकी हमलों से जोड़ा गया है, जिनमें सेना और वायुसेना के जवानों के साथ-साथ नागरिक पोर्टरों की भी जान गई थी. सुरक्षा एजेंसियों के लिए यासिर का मारा जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था और कई बड़े हमलों में उसकी भूमिका सामने आई थी.
ऑपरेशन अशदर में उसके मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके साथ और कौन-कौन से आतंकी सक्रिय थे. जानकारी के मुताबिकापुर का एक बड़ा ग्रुप बड़ागांव के इन जंगलों में छिपा हुआ था तीन दिन पहले जब पुख्ता जानकारी के आधार पर जब ऑपरेशन शुरू हुआ तो आतंकी घने जंगल में छिप गए.
3 दिन चले ऑपरेशन में सुरक्षा कर्मियों ने या फिर नाम के पाकिस्तानी आतंकी को तो ढेर कर दिया लेकिन इसके बाकी साथी फिलहाल जंगल से फरार होने में सफल रहा है. बताया जा रहा है कि उनकी तलाश में अब सर्च ऑपरेशन का दायरा और बढ़ा दिया गया है.
इन बड़े हमलों में शामिल था यासिर
- 4 मई 2024, धनाशाह सितार, पुंछ: वायुसेना के काफिले पर आतंकी हमला, जिसमें एक IAF जवान शहीद हुआ.
- 11 अक्टूबर 2021, भट्टा दुर्रियां, पुंछ: आतंकी हमले में सेना के 9 जवान शहीद हुए.
- 25 अक्टूबर 2024, बूटा पथरी, बारामुला: सेना के जवानों और नागरिक पोर्टरों को निशाना बनाया गया। हमले में दो सैन्यकर्मी और दो नागरिक पोर्टर मारे गए.
- 20 अप्रैल 2023, भट्टा दुर्रियां, पुंछ: दूसरे बड़े आतंकी हमले में सेना के 5 जवान शहीद हुए.
- 21 दिसंबर 2023, डेरा की गली, पुंछ: आतंकी हमले में सेना के 4 जवान शहीद हुए.
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था यासिर
सुरक्षा एजेंसियों के लिए यासिर का मारा जाना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था और कई बड़े हमलों में उसकी भूमिका सामने आई थी. ऑपरेशन अशदर में उसके मारे जाने के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके साथ और कौन-कौन से आतंकी सक्रिय थे.
सुरक्षा बलों को मिली थी खुफिया जानकारी
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि बारागांव के जंगलों में आतंकवादियों का एक बड़ा गुट छिपा हुआ है. जब पक्की जानकारी के आधार पर तीन दिन पहले ऑपरेशन शुरू किया गया, तो आतंकवादी घने जंगल में छिप गए. तीन दिन चले इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया, लेकिन उसके साथी जंगल से भागने में कामयाब रहे. अब उन्हें खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ा दिया गया है.
