भारत को मिलेगा 5th जेनरेशन फाइटर जेट का टेक्नोलॉजी ट्रांसफर? रूस ने खोला Su-57 डील का प्लान

नई दिल्ली 09 सितम्बर 2026  : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Su-57 को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि रूस भारत के साथ Su-57 से जुड़ी एडवांस्ड प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी साझा करने की संभावना पर बातचीत कर रहा है। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

पुतिन के एजेंडे में Su-57 की बिक्री

ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आने वाले हैं। इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भारतीय मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत को Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट की बिक्री पुतिन की बैठक के एजेंडे में शामिल है।

पेस्कोव ने Su-57 को बेहद एडवांस्ड लड़ाकू विमान बताते हुए कहा कि यह दुनिया की बेहतरीन मशीनों में से एक है। इससे भारत को रूस के 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट में संभावित रुचि का संकेत मिलता है।

क्या भारत को मिलेगी Su-57 की टेक्नोलॉजी?

सबसे अहम सवाल यह है कि क्या रूस Russia 5th Generation Fighter Jet Technology भारत के साथ साझा करेगा। पेस्कोव के मुताबिक, भारतीय वैज्ञानिक प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी हासिल करना चाहते हैं और इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

उन्होंने कहा कि हर देश अपनी एडवांस्ड सैन्य तकनीक को अपने पास रखना चाहता है। हालांकि, भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक संबंध हैं, इसलिए टेक्नोलॉजी साझा करने की संभावना पर चर्चा की जा रही है।

हालांकि, रूस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि भारत को Su-57 से जुड़ी कौन-कौन सी तकनीक दी जा सकती है। सैन्य तकनीक से जुड़े संवेदनशील पहलुओं पर सार्वजनिक रूप से जानकारी देना भी संभव नहीं है।

ब्रह्मोस और S-400 पर भी होगी चर्चा

पुतिन की भारत यात्रा के दौरान सैन्य सहयोग के दूसरे मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं। रूस और भारत मिलकर ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण करते हैं। क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि दोनों देश ब्रह्मोस को और बेहतर बनाने तथा उसमें नई क्षमताएं जोड़ने पर भी विचार कर सकते हैं।

इसके अलावा भारत को रूस से मिलने वाले S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी भी महत्वपूर्ण एजेंडे में शामिल बताई गई है।

परमाणु ऊर्जा सहयोग पर भी फोकस

रूस ने भारत के साथ शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा भी जताई है। क्रेमलिन के अनुसार, कुडनकुलम परमाणु परियोजना में दोनों देशों का सहयोग अच्छा चल रहा है और भारत में नए परमाणु संयंत्रों को लेकर आगे बातचीत की उम्मीद है।

इस तरह पुतिन की भारत यात्रा में Su-57, ब्रह्मोस, S-400 और परमाणु ऊर्जा सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। हालांकि, Su-57 की तकनीक भारत को वास्तव में कितनी और किस रूप में मिलेगी, इसका फैसला आगे होने वाली बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगा।