वर्ल्ड कप 2027 से पहले रोहित-कोहली पर सस्पेंस, नेहरा बोले- राह आसान नहीं

स्पोर्ट्स 11 सितम्बर 2026 : भारतीय क्रिकेट टीम के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली इस समय सिर्फ वनडे फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोनों स्टार खिलाड़ी 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जर्सी में नजर आएंगे?

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने पिछले एक दशक से ज्यादा समय तक भारतीय क्रिकेट को अपनी बल्लेबाजी से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. दोनों खिलाड़ियों ने कई बड़े टूर्नामेंट्स में भारत के लिए मैच जिताऊ पारियां खेली हैं. यही वजह है कि फैंस की नजरें अब 2027 वर्ल्ड कप पर टिकी हुई हैं.

दोनों खिलाड़ी कई मौकों पर वनडे क्रिकेट में आगे भी खेलने और वर्ल्ड कप का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं. हालांकि, टीम में उनकी जगह को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. इसी बीच भारत के पूर्व तेज गेंदबाज और गुजरात टाइटन्स के मुख्य कोच आशीष नेहरा के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है.

आशीष नेहरा का मानना है कि अभी से यह मान लेना सही नहीं होगा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली निश्चित तौर पर 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलेंगे. उनके मुताबिक टूर्नामेंट में अभी काफी समय बाकी है और इस दौरान भारतीय क्रिकेट में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

हाल ही में कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में नेहरा ने दोनों खिलाड़ियों के वनडे भविष्य को लेकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि 2027 वर्ल्ड कप में अभी काफी समय बचा हुआ है. इसके अलावा भारतीय टीम के आगामी कार्यक्रम में वनडे मुकाबले भी सीमित हैं. ऐसे में इतनी दूर की भविष्यवाणी करना आसान नहीं है.

नेहरा की बात का सीधा मतलब यही है कि रोहित और विराट की वर्ल्ड कप दावेदारी फिलहाल उनके प्रदर्शन और आने वाले समय में टीम की जरूरत पर निर्भर करेगी.

रोहित शर्मा और विराट कोहली के योगदान को लेकर नेहरा ने दोनों दिग्गजों की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि दोनों खिलाड़ियों ने पिछले 10 वर्षों में भारतीय क्रिकेट के लिए क्या किया है.

हालांकि, नेहरा के लिए 13 महीने का समय काफी लंबा होता है. इस दौरान किसी भी खिलाड़ी के फॉर्म, फिटनेस और टीम में भूमिका में बदलाव आ सकता है.

यही वजह है कि सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन या पुराने रिकॉर्ड के आधार पर 2027 वर्ल्ड कप की टीम को लेकर फैसला करना जल्दबाजी होगी.

आशीष नेहरा ने अपनी बात समझाने के लिए शुभमन गिल का उदाहरण भी दिया. उन्होंने बताया कि गिल आज वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं, लेकिन टी20 इंटरनेशनल में उनकी स्थिति अलग रही है.

इससे साफ है कि एक खिलाड़ी का किसी एक फॉर्मेट में बड़ा नाम होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह हर फॉर्मेट में टीम का हिस्सा बना रहेगा.

नेहरा के मुताबिक क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं. इसलिए अभी से किसी भी खिलाड़ी की जगह को पक्की मान लेना सही नहीं होगा.

2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के समय रोहित शर्मा 40 साल के करीब होंगे, जबकि विराट कोहली लगभग 39 साल के होंगे. उम्र निश्चित रूप से दोनों खिलाड़ियों के लिए एक चर्चा का विषय है, लेकिन नेहरा इसे अकेला पैमाना नहीं मानते.

अगर रोहित और विराट लगातार शानदार प्रदर्शन करते रहते हैं, रन बनाते हैं और फिट रहते हैं, तो उम्र उनके लिए बड़ी बाधा नहीं होनी चाहिए. आखिरकार टीम में चयन का सबसे बड़ा आधार प्रदर्शन ही होता है.

यानी अगर दोनों दिग्गज आने वाले महीनों में अपनी फिटनेस और फॉर्म बरकरार रखते हैं, तो उनके लिए 2027 वर्ल्ड कप के दरवाजे खुले रह सकते हैं.

नेहरा ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी खिलाड़ी को टीम में रखना या बाहर करना सिर्फ कोच के हाथ में नहीं होता. चयन प्रक्रिया में सेलेक्टर्स और भारतीय क्रिकेट बोर्ड की भी अहम भूमिका होती है.

अगर रोहित शर्मा और विराट कोहली लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और टीम को उनकी जरूरत महसूस होती है, तो उन्हें वर्ल्ड कप टीम में शामिल करने की कोई वजह नहीं होगी.

दूसरी तरफ अगर इस दौरान युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर रहता है और टीम मैनेजमेंट भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार करने का फैसला करता है, तो समीकरण बदल भी सकते हैं.

रोहित शर्मा और विराट कोहली की जोड़ी भारतीय वनडे क्रिकेट की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाती है. दोनों ने लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए एक साथ बल्लेबाजी की है और कई अहम मुकाबलों में भारत को जीत दिलाई है.

अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि दोनों 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे या नहीं, बल्कि यह भी है कि अगर वे खेलते हैं तो क्या वे भारतीय टीम को एक और विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभा पाएंगे?

फिलहाल इसका जवाब भविष्य के गर्भ में है. 2027 वर्ल्ड कप अभी दूर है और रोहित-कोहली के पास खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय मौजूद है. आने वाले वनडे मुकाबलों में दोनों का प्रदर्शन ही काफी हद तक यह तय करेगा कि टीम इंडिया के अगले वर्ल्ड कप प्लान में इन दोनों दिग्गजों की जगह कितनी मजबूत रहती है.