BRICS 2026 /नई दिल्ली 12 सितम्बर 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुक्रवार को दिल्ली में 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन से अलग रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय हुई। बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बैठक चली। इससे पहले दिल्ली के भारत मंडपम में पीएम मोदी ने पुतिन का जोरदार स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने पुतिन को एक किताब भी भेंट की। यह किताब प्राचीन तमिल क्लासिक ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद है। बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन 12 से 13 सितंबर तक राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।
इससे पहले पुतिन का प्लेन आज तड़के करीब तीन बजे पालम एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचा। ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों के साथ साथ 12 देशों को भी समिट का न्योता भेजा गया है और उनके प्रतिनिधि इस समिट के लिए दिल्ली आ रहे हैं। जिन देशों के नेता ब्रिक्स समिट में भाग लेने के लिए आ रहे हैं उनकी लिस्ट सामने आ गई है।
पीएम मोदी ने बताया ईरानी राष्ट्रपति से क्या बातचीत हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात की। दो हफ़्ते से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों के कई पहलुओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने मुश्किल हालात के बावजूद ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में ईरान की नियमित और उच्च-स्तरीय भागीदारी के लिए ईरान का धन्यवाद किया। उन्होंने ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के बीच लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता की भावना को बढ़ावा देने में ब्रिक्स की क्षमता का ज़िक्र किया। उन्होंने ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम के लीडर्स सेशन में शामिल होने के लिए राष्ट्रपति पेज़ेशकियन का भी धन्यवाद किया।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने भारत के इस लगातार रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने, नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी की रक्षा करने, और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा और भलाई के लिए लगातार कोशिशों की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।
ईरानी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी की मीटिंग खत्म
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के साथ द्विपक्षीय बैठक संपन्न हो गई है। अब अगली द्विपक्षीय बैठक संयुक्त राष्ट्र महासचिव (यूएनएसजी) एंटोनियो गुटेरेस के साथ होगी।
ईरानी राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ब्रिक्स समिट 2026 से इतर द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया।
ईरान के राष्ट्रपति व्यापार को लेकर रखी अपनी बात
ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम के लीडर्स सेशन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा, “सबसे अहम कदमों में से एक है सदस्यों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाना। इस कदम के साथ-साथ मुद्रा से जुड़े जोखिमों और आपसी लेन-देन के निपटान के लिए ज़रूरी सिस्टम भी बनाना होगा। चूंकि मौजूदा फाइनेंशियल सिस्टम कुछ ही मुद्राओं पर निर्भर होने के कारण राजनीतिक झटकों के प्रति संवेदनशील है, इसलिए व्यापार सहयोग को असल निवेश में बदलने के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक को सदस्य देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा के लिए फाइनेंसिंग का मुख्य ज़रिया बनना होगा। इसके लिए डेडिकेटेड क्रेडिट लाइन, स्थानीय मुद्राओं में फाइनेंसिंग और प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करने के लिए गारंटी इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।”
बिक्स देशों की जीडीपी साढ़े चार गुना बढ़ी
ब्रिक्स बिज़नेस फोरम के लीडर्स सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ब्रिक्स बिज़नेस फोरम में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। जब 2006 में यह ग्रुप शुरू हुआ था, तब इसमें सिर्फ़ चार देश शामिल थे। आज, ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों तक बढ़ गया है।” पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी आबादी रहती है और इसकी सामूहिक जीडीपी साढ़े चार गुना बढ़ी है।
पुतिन ने G7 पर कसा तंज
ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि दुनिया में गहरे संरचनात्मक और बड़े बदलाव हो रहे हैं। ब्रिक्स देशों की GDP की ताकत बताते हुए पुतिन ने G7 पर बड़ा तंज कसा। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि बदलती हुई विश्व व्यवस्था में ब्रिक्स देश समय के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अपने भाषण में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ब्रिक्स अर्थव्यवस्था वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। पुतिन ने कहा कि वैश्विक GDP में ब्रिक्स देशों का योगदान सबसे ज़्यादा है।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री भारत पहुंचे
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली BRICS समिट 2026 के लिए भारत पहुंचे। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
पुतिन और पीएम मोदी प्रदर्शनी देखने पहुंचे
द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में बैठकर भारत मंडपम में हो रही प्रदर्शनी के लिए रवाना हुए। यहां जल्द ही ब्रिक्स बिज़नेस फोरम का लीडर्स सेशन आयोजित किया जाएगा।
मोदी-पुतिन द्विपक्षीय बैठक में चर्चा के प्रमुख मुद्दे
- 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य: भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य।
- India और औद्योगिक सहयोग: भारत में INNOPROM के जरिए रूस के साथ औद्योगिक सहयोग का विस्तार। रेल क्षेत्र और टनल निर्माण में सहयोग, स्टील वैल्यू चेन विकसित करने तथा दोनों देशों के कारोबारियों के बीच B2B अवसर बढ़ाने पर चर्चा।
- रूसी बाजार तक भारत की पहुंच: भारतीय उत्पादों और कंपनियों के लिए रूसी बाजार में पहुंच को व्यापक बनाने पर जोर।
- नागरिक परमाणु सहयोग: ईंधन चक्र (Fuel Cycle) और संयंत्रों के पूरे जीवन-चक्र के लिए सहयोग सहित सिविल न्यूक्लियर सहयोग को मजबूत करना।
- मोबिलिटी और कुशल श्रम: रूस में भारतीय कुशल श्रमिकों की संख्या बढ़ाने सहित दोनों देशों के बीच श्रम और मानव संसाधन से जुड़े सहयोग को बढ़ावा देना।
- महत्वपूर्ण खनिज: Critical Minerals के क्षेत्र में भारत-रूस सहयोग बढ़ाने पर चर्चा।
- उर्वरक क्षेत्र में सहयोग: रणनीतिक संयुक्त उपक्रमों (Strategic Joint Ventures) के जरिए उर्वरकों की आपूर्ति और क्षेत्र में सहयोग को बनाए रखने तथा बढ़ाने पर जोर।
