नईदिल्ली 13 सितम्बर 2026 : 11 सितंबर 2001 के अमेरिका में हुए आतंकी हमलों की 25वीं बरसी से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने ओसामा बिन लादेन और उसके आतंकी नेटवर्क से जुड़े कई गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन दस्तावेजों से पता चला है कि 9/11 हमलों से कई साल पहले ही भारत भी ओसामा बिन लादेन के संभावित निशाने पर था।
1998 की रिपोर्ट में भारत का जिक्र
CIA की ओर से जारी 28 अगस्त 1998 की एक प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ में अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन को एक गंभीर आतंकी खतरा बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि बिन लादेन कई देशों में हमले करने के इरादे पर विचार कर रहा था, जिनमें भारत, पाकिस्तान, मिस्र, सऊदी अरब, यमन, कुवैत, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया शामिल थे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि बिन लादेन का आतंकी नेटवर्क अमेरिका और ब्रिटेन को निशाना बनाने के विकल्प तलाश रहा था। उस समय तक उसका नेटवर्क 60 से अधिक देशों में फैला होने की जानकारी अमेरिकी खुफिया एजेंसी के पास थी।
भारत में किसी खास लक्ष्य का नहीं था जिक्र
हालांकि, सामने आए दस्तावेज में भारत को लेकर किसी विशेष आतंकी लक्ष्य, हमले की तारीख या किसी ऑपरेशन की विस्तृत योजना का उल्लेख नहीं किया गया था। यानी दस्तावेज से यह पता चलता है कि भारत में हमला करने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन किसी खास जगह या ठोस साजिश की जानकारी इसमें नहीं दी गई है।
CIA ने 100 से ज्यादा पन्ने किए जारी
CIA ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के लिए तैयार की गई खुफिया ब्रीफिंग से संबंधित 100 से अधिक पन्नों की सामग्री जारी की है। इन दस्तावेजों को 9/11 हमलों की 25वीं बरसी के अवसर पर सार्वजनिक की गई अनक्लासिफाइड सामग्री का हिस्सा बताया गया है।
9/11 हमलों में करीब 3,000 लोगों की हुई थी मौत
गौरतलब है कि 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अमेरिका में चार यात्री विमानों का अपहरण किया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराया गया, जिसके बाद दोनों इमारतें ढह गईं। तीसरे विमान को वर्जीनिया के अर्लिंग्टन स्थित पेंटागन से टकराया गया, जबकि चौथा विमान पेंसिल्वेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। इन हमलों में करीब 3,000 लोगों की जान गई थी।
