जगदलपुर 16 सितम्बर 2026 : झीरम घाटी हमले के गुनाहगारों को फांसी की सजा सुनाई गई है. 27 लोगों की हत्या पर NIA की विशेष अदालत ने सभी दोषियों को मृत्युदंड की सजा दी है. दोषी 30 दिन के अंदर फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकते हैं. आपको बता दें कि 25 मई साल 2013 को झीरम हमले कांग्रेस की अग्रिम पंक्ति के नेता समेत कई सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे. इस हमले को लेकर NIA कोर्ट ने 10 लोगों को दोषी करार दिया था.
झीरम हमले के दोषी
- प्रमिला मोडियाम
- चैतू लेकाम उर्फ मुन्ना
- सुमित्रा पुनेम मोडियाम
- मुक्का मंडावी
- कोसा कवासी
- आयता मरकाम
- मड़कामी देवा
- जोगा मड़कामी
- बंजामी सन्ना उर्फ चमरू उर्फ ड़ेंगा
- महादेव नाग
झीरम मामले में कांग्रेस का आरोप
5 सितंबर को एनआईए के फैसले के बाद बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने इसे अधूरा न्याय बताया था . प्रदेशभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उच्च न्यायालय की शरण में जाने की बात कही. भूपेश बघेल ने यह तक आरोप लगाया कि झीरम हमले के असली आरोपियों से पूछताछ तक नहीं हुई. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि उनके पास झीरम हमले के सूबत हैं. जिन लोगों को दोषी बनाया गया है वो मामूली कैडर के नक्सली है.
भूपेश बघेल ने कहा था कि सच हमारे पास है. हमने SIT का गठन किया तो NIA कोर्ट चली गई, हम सुप्रीम कोर्ट तक इस मामले पर जीत दर्ज किए थे लेकिन हमारी सरकार बदल गई और उसके बाद जो हमने स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम का गठन किया था उसकी जांच बंद कर दी गई. जो आयोग बनाया गया था उसने अपने राज्यपाल को रिपोर्ट सौंप दी और वह चले गए. वह जांच भी अधूरी रह गई. हमने पूर्व दो जजों की कमेटी बनाई भारतीय जनता पार्टी के धरमलाल कौशिक कोर्ट से जाकर स्टे ले लिए.
डिप्टी सीएम ने बोलो सबूत NIA को दिखाएं
वहीं कांग्रेस के आरोपों को लेकर डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि जिनके जेब में झीरम के सबूत रखे हुए हैं,उन्हें मीडिया के सामने नहीं बल्कि NIA को जाकर देना चाहिए.विजय शर्मा ने कहा था कि जिन लोगों के रोल मॉडल हिडमा रहे हो और जो लोग हिडमा को लेकर अपना पक्ष रखते रहे हो वह लोग झीरम कांड का सच कहां से बाहर आने देंगे. विजय शर्मा ने कहा कि अभी भी समय नहीं बीता है अगर भूपेश बघेल के पास कोई सच है तो वह ले जाकर NIA के अधिकारियों को सौंप दें ताकि पूरा सच बाहर आ जाए.
