छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: 33 जिला कलेक्टरों को NSA के तहत मिले विशेष अधिकार

रायपुर 24 September 2026 :  छत्तीसगढ़ सरकार ने कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य के सभी 33 जिला कलेक्टरों यानी जिला दंडाधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA), 1980 के तहत विशेष शक्तियों के इस्तेमाल के लिए अधिकृत किया गया है। गृह विभाग से संबंधित आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

33 जिलों के कलेक्टरों को मिली विशेष शक्ति

सरकार के आदेश के बाद प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर NSA के तहत निर्धारित निवारक निरोध संबंधी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह अधिकार कानून में तय परिस्थितियों और प्रक्रिया के अधीन रहेगा।

इसका उद्देश्य ऐसी गतिविधियों को रोकना है, जिनसे लोक व्यवस्था, राज्य की सुरक्षा या आवश्यक सेवाओं के संचालन पर खतरा उत्पन्न होने की आशंका हो।

1 अक्टूबर से लागू होगा आदेश

यह विशेष व्यवस्था 1 अक्टूबर से शुरू होकर 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। यानी फिलहाल इसे तीन महीने की निर्धारित अवधि के लिए लागू किया गया है। अवधि समाप्त होने के बाद इसे आगे जारी रखने के लिए नया सरकारी आदेश आवश्यक होगा।

क्या है NSA?

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 एक निवारक निरोध कानून है। इसके तहत निर्धारित कानूनी परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को ऐसी गतिविधियों से रोकने के लिए निरोध का आदेश दिया जा सकता है, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी सार्वजनिक व्यवस्था या सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।

NSA के तहत कार्रवाई सामान्य आपराधिक मामले में होने वाली गिरफ्तारी और सजा की प्रक्रिया से अलग होती है। इसका मूल उद्देश्य किसी संभावित खतरे को पहले से रोकना है।

कलेक्टर मनमाने तरीके से कार्रवाई नहीं कर सकेंगे

कलेक्टरों को NSA के तहत शक्ति मिलने का मतलब यह नहीं है कि किसी भी व्यक्ति को स्वतः हिरासत में लिया जा सकता है। संबंधित कार्रवाई के लिए कानून में निर्धारित परिस्थितियां, आधार और प्रक्रिया का पालन जरूरी होगा।

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, किसी व्यक्ति के खिलाफ NSA की कार्रवाई अपने-आप में उसके दोषी होने का प्रमाण भी नहीं होती, क्योंकि यह निवारक निरोध की व्यवस्था है।