झीरम केस में बड़ा अपडेट, 10 दोषियों की फांसी पर हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

बिलासपुर/जगदलपुर 25 September 2026 :  करीब 13 साल पुराने झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में अब 10 दोषियों को सुनाई गई मौत की सजा की पुष्टि का मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंच गया है। जगदलपुर की NIA विशेष अदालत ने मृत्युदंड की पुष्टि के लिए डेथ रेफरेंस हाईकोर्ट भेज दिया है। अब हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले में विशेष अदालत के फैसले और सजा की न्यायिक समीक्षा करेगी।

NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई थी फांसी

जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 16 सितंबर 2026 को झीरम घाटी हमले के मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इससे पहले 5 सितंबर को अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। मुकदमे के दौरान कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।

अदालत के फैसले के बाद अब कानूनी प्रक्रिया के तहत मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया है। हाईकोर्ट की मंजूरी के बिना ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को अंतिम रूप से लागू नहीं किया जा सकता।

25 मई 2013 को हुआ था झीरम हमला

झीरम घाटी हमला 25 मई 2013 को बस्तर के दरभा क्षेत्र में हुआ था। कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले को माओवादियों ने निशाना बनाया था। हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत कुल 29 लोगों की मौत हुई थी।

इस मामले की जांच बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद विशेष अदालत ने सितंबर 2026 में अपना फैसला सुनाया।

11 आरोपियों के खिलाफ हुई थी सुनवाई

मामले में शुरुआत में 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई थी। ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद शेष 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने बड़ी संख्या में दस्तावेज और गवाह पेश किए थे।