रायपुर 02 October 2026 : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाली महिलाओं के जीवन में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। कभी जंगलों में हथियार लेकर सक्रिय रहीं 9 आत्मसमर्पित महिला नक्सली अब हिंदी फिल्म में अभिनय करती नजर आएंगी। हिंसा का रास्ता छोड़कर नई जिंदगी शुरू करने वाली इन महिलाओं को फिल्म के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। यह पहल आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्स्थापना की दिशा में एक अलग प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
पहले होगा ऑडिशन, फिर मिलेगी एक्टिंग की ट्रेनिंग
फिल्म में अभिनय करने से पहले सभी 9 महिलाओं का ऑडिशन लिया जाएगा। ऑडिशन के आधार पर उनकी भूमिकाएं तय की जाएंगी। इसके बाद चयनित महिलाओं को करीब 10 से 15 दिनों की एक्टिंग वर्कशॉप में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें अभिनय की बारीकियां, संवाद बोलने और कैमरे के सामने प्रस्तुति देने का तरीका सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें फिल्म की शूटिंग में शामिल किया जाएगा।
सुकमा में होगी फिल्म की शूटिंग
जानकारी के मुताबिक, फिल्म की शूटिंग नवंबर और दिसंबर के दौरान प्रस्तावित है। इसके लिए सुकमा के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य क्षेत्रों को भी चुना जा सकता है। हालांकि, फिल्म का नाम, कहानी और महिलाओं की भूमिकाओं को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। निर्देशक आकाशदित्य लामा ने इन महिलाओं को अपनी फिल्म में अवसर देने की इच्छा जताई है।
सीएम विष्णुदेव साय ने जताई खुशी
आत्मसमर्पित महिलाओं को फिल्म में अभिनय का अवसर मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां की बेटियां खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को नए अवसर और मंच उपलब्ध कराना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
