मुंबई 05 October 2026 : अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने जूनियर एनटीआर के साथ फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के मशहूर गाने ‘चुट्टामल्ले’ के फेक एआई मॉर्फ्ड वीडियो को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित फेक वीडियो को लेकर पहले जूनियर एनटीआर ने सख्त रुख अपनाया था। अब जाह्नवी कपूर ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस तरह के कंटेंट और महिलाओं की निजता के उल्लंघन पर खुलकर बात की है।
फेक AI वीडियो पर जाह्नवी कपूर ने जताई नाराजगी
जाह्नवी कपूर ने अपने लंबे पोस्ट में कहा कि किसी महिला को उसकी सहमति के बिना किसी झूठे या बनाए गए कंटेंट का हिस्सा बनाना उसके अधिकारों और सम्मान का उल्लंघन है। उन्होंने महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करने वाली मानसिकता की आलोचना करते हुए कहा कि तकनीक का इस तरह इस्तेमाल महिलाओं की निजता और गरिमा के लिए गंभीर खतरा है।
अभिनेत्री ने जोर देकर कहा कि किसी महिला की इच्छा, पसंद और उसकी निजी सीमाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि ‘ना’ का मतलब ना है और किसी व्यक्ति की निजी सीमाओं का सम्मान करना हर किसी की जिम्मेदारी है।
‘ये यौन उत्पीड़न जैसा है’
जाह्नवी ने अपने पोस्ट में कहा कि महिलाओं को सिर्फ एक चीज या वस्तु समझना और उनकी सहमति के बिना उनके बारे में झूठा कंटेंट फैलाना उनके अधिकारों के खिलाफ है। उनके मुताबिक, इस तरह की हरकत यौन उत्पीड़न जैसी है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी महिला ने क्या पहनना है या अपनी जिंदगी के बारे में क्या फैसला लेना है, यह उसका व्यक्तिगत अधिकार है। कपड़े या किसी दूसरी पसंद को किसी महिला की सहमति के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
पैपराजी के कैमरा एंगल पर भी उठाए सवाल
जाह्नवी कपूर ने अपने बयान में एआई वीडियो के साथ-साथ पैपराजी द्वारा महिलाओं की तस्वीरें लेने के तरीके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला मिनी स्कर्ट पहनती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को उसकी स्कर्ट के नीचे कैमरा लगाने या आपत्तिजनक एंगल से तस्वीरें लेने की अनुमति मिल जाती है।
उन्होंने साफ किया कि कोई महिला किस चीज में सहज महसूस करती है, उसकी सीमा वही तय करती है और उसके शरीर से जुड़ा फैसला भी उसी का होना चाहिए।
‘पांच दिन हां और छठे दिन ना तो ना का सम्मान होना चाहिए’
जाह्नवी ने सहमति के महत्व को समझाते हुए कहा कि अगर कोई महिला पांच दिन किसी बात के लिए ‘हां’ कहती है और छठे दिन ‘ना’ कहती है, तो उसकी ‘ना’ का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद बुनियादी बात है, जिसे समझना मुश्किल नहीं होना चाहिए।
बेटियों की सुरक्षा से आगे सोचने की जरूरत
अभिनेत्री ने कहा कि यह मुद्दा केवल एआई या उनके व्यक्तिगत अनुभवों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, यह महिलाओं की सुरक्षा, लोगों की नजर और समाज में महिलाओं की सीमाओं को लेकर बनी सोच का मामला है।
जाह्नवी ने कहा कि डिजिटल दुनिया में भी महिलाओं की सीमाओं के उल्लंघन का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसका जवाब सिर्फ ‘अपनी बेटी की सुरक्षा करो’ कहना नहीं हो सकता, बल्कि उस मानसिकता को बदलने की जरूरत है जो किसी व्यक्ति को दूसरे की सीमाएं तय करने या उनका उल्लंघन करने का अधिकार देती है।
Jr NTR और साउथ सितारों को कहा शुक्रिया
जाह्नवी कपूर ने इस मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए जूनियर एनटीआर का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब लाखों लोगों के आदर्श किसी गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो इससे उन महिलाओं को भी हिम्मत मिलती है, जिन्होंने कभी इस तरह के व्यवहार का सामना किया है।
जाह्नवी ने चिरंजीवी, विजय देवरकोंडा और खुशबू को भी इस मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाने के लिए धन्यवाद दिया। इससे पहले जूनियर एनटीआर ने फेक मॉर्फ्ड वीडियो पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही थी।
‘महिलाओं के साथ इंसान जैसा व्यवहार होना चाहिए’
अपने पोस्ट के आखिर में जाह्नवी ने सवाल उठाया कि क्या महिलाओं के साथ इंसान जैसा व्यवहार किए जाने की मांग करना बहुत बड़ी बात है। उन्होंने महिलाओं के शरीर, इमेज, सीमाओं और पसंद का सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया।
फेक एआई और डीपफेक कंटेंट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जाह्नवी का यह बयान सेलिब्रिटीज की डिजिटल प्राइवेसी और महिलाओं की सहमति के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ले आया है।
