नहीं रहीं हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन, बोले- ‘आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई’

रांची 08 October 2026 :  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन हो गया है। बुधवार को रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह करीब 80 वर्ष की थीं और लंबे समय से बीमार चल रही थीं। पिछले कुछ समय से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। रूपी सोरेन की तबीयत बुधवार को अचानक गंभीर हो गई थी। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर डॉ. दीपक गुप्ता और डॉ. उज्जवल राय ने उनके निधन की जानकारी दी।

मां के निधन पर भावुक हुए हेमंत सोरेन

मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बेहद भावुक संदेश के जरिए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “बाबा के जाने के बाद मां ही मेरी सबसे बड़ी छांव थीं। आज वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं। मां….” हेमंत सोरेन के इस संदेश से मां को खोने का गहरा दुख साफ झलकता है। रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार में शोक का माहौल है। यह परिवार के लिए करीब एक साल के भीतर दूसरा बड़ा निजी आघात है।

एक साल पहले हुआ था शिबू सोरेन का निधन

करीब एक साल पहले 4 अगस्त 2025 को हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन का दिल्ली में निधन हुआ था। पिता के निधन के बाद रूपी सोरेन परिवार के लिए एक बड़ी भावनात्मक ताकत बनी हुई थीं। अब उनके निधन से परिवार को गहरा सदमा लगा है।

1962 में शिबू सोरेन से हुई थी शादी

रूपी सोरेन का विवाह 1 जनवरी 1962 को शिबू सोरेन के साथ हुआ था। शादी के बाद वह लगातार उनके साथ रहीं और शिबू सोरेन के लंबे राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष के दौरान परिवार की जिम्मेदारियां संभालती रहीं। शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। वह झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक नेताओं में से एक रहे और झारखंड के मुख्यमंत्री भी बने। राजनीतिक संघर्ष के दौरान रूपी सोरेन ने परिवार को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

JMM ने बताया संघर्ष और त्याग की प्रतीक

रूपी सोरेन के निधन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी शोक व्यक्त किया। पार्टी ने उन्हें संघर्ष, त्याग और धैर्य की प्रतीक बताया। पार्टी के मुताबिक, शिबू सोरेन के लंबे संघर्ष में रूपी सोरेन हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। पार्टी ने उनके निधन को झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। रूपी सोरेन के निधन से हेमंत सोरेन, उनके परिवार और समर्थकों के बीच शोक की लहर है।